उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यलय आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिये दुनिया से जुड़ेगा और आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग से अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को अपन साथ जोड़ने का प्रयास करेगा।
मंगलवार काे आयोजित मुक्त विवि के स्थापना दिवस समारोह में कुलपति प्रो. सत्यकाम और पूर्व कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने इस पर जोर दिया। समारोह की ऑनलाइन अध्यक्षता कर रहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अभी कुछ दिनों पूर्व हमने दीपावली का पर्व मनाया है। सभी जगह प्रकाश फैलाकर अंधकार को दूर किया है। उसी प्रकार हमें शिक्षा का प्रकाश फैलाकर अशिक्षा, बेरोजगारी एवं अज्ञान का अंधकार मिटाना है।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के 27 वें स्थापना दिवस समारोह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए मंगलवार को कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय शिक्षा रूपी प्रकाश की रश्मि से जीवन को प्रकाशमान करने का कार्य कर रहा है।
कहा कि शिक्षा सभी नागरिकों का मूलभूत अधिकार है। किसी भी देश के विकास का पैमाना वहां के लोगों के शैक्षिक होने की दर है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो संस्कारित हो और देश प्रेम के सद्गुणों को विकसित करे। राज्यपाल ने कहा कि 2025 के महाकुंभ में मुक्त विश्वविद्यालय को अपनी भूमिका का निर्वाह करना चाहिए। अभी कुछ दिनों पूर्व अयोध्या में अवध विश्वविद्यालय ने बहुत अच्छा कार्य किया।
तिलक सभागार में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में मुक्त विश्वविद्यालय सिर्फ योजनाओं का निर्माण ही नहीं कर रहा है, बल्कि नई शिक्षा नीति के अनुरुप योजनाओं एवं शिक्षण प्रक्रिया का क्रियान्वयन भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि पत्रकार अनंत विजय ने कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक एवं भाषाई विरासत पर गर्व करना चाहिए। उच्च शिक्षा की विसंगतियों को दूर करने के लिए वर्तमान में दूरस्थ शिक्षा एक सजग माध्यम है। उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों में सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक तथ्यों के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के बारे में शिक्षकों को अपने छात्रों को जानकारी देनी चाहिए।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा विशिष्ट प्रकार की शिक्षा पद्धति है, जो वर्तमान में सर्वाधिक प्रासंगिक है। विश्वविद्यालय की शिक्षण पद्धति को हमें तकनीक आधारित बनाना है क्योंकि बिना तकनीक के दूरस्थ शिक्षा पद्धति अधूरी है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों को इसके लिए आत्म मंथन करना चाहिए।
उज्जवल भविष्य के सपने को साकार कर रही दूरस्थ शिक्षा: प्रो. दुबे
तकनीकी सत्र में स्थापना दिवस का प्रथम व्याख्यान मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने दिया। प्रो. दुबे ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा नयापन एवं विविधताओं का मार्ग प्रशस्त करती है। नई शिक्षा नीति की व्यवस्थाओं के अनुरूप मूक्स, कृतिम मेधा और तकनीक का ज्ञान दूरस्थ शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए अति आवश्यक है। प्रोफेसर दुबे ने कहा कि विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक ज्ञान, वैज्ञानिकता, रचनात्मकता, जीवन जीने की कला, वर्तमान चुनौतियों से निपट कर एक उज्जवल भविष्य के सपने को साकार करने में दूरस्थ शिक्षा सक्षम है।
युवाओं के सर्वांगीण विकास को समर्पित मुक्त विवि: नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक, प्रौद्योगिकी और भारतीय ज्ञान परंपरा के समागम की परिणीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पाठ्यक्रम के जरिये उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय युवाओं के सर्वांगीण विकास को समर्पित है। हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के जरिये अमृत काल में देश का युवा विकसित भारत का निर्माण कर सकता है।