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विश्वविद्यालय खुला, सुरक्षा के दावे फुस्स

Sat, 25 Jul 2015 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में नया सत्र शुरू होते ही परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के सारे दावे फुस्स हो गए। नए सत्र के शुरुआत में ही छात्रा के साथ परिसर में जिस तरह से छेड़खानी हुई, उससे वर्ष भर परिसर के अंदर छात्राएं कितनी महफूज रहेंगी इसके लेकर सवाल खड़े गए हैं। परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के लिए लंबे समय से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है, मगर विवि प्रशासन के तमाम आश्वासनों के बाद भी परिसर में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे और न ही सादी वर्दी की व्यवस्था की गई। नतीजा सामने है। छात्रा को पहले ही दिन छेड़खानी का सामना करना पड़ा।
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इस घटना से नए सत्र में विवि परिसर में आने वाली छात्राएं बेहद परेशान हैं। छात्राओं का कहना है कि विवि में 75 प्रतिशत अटेंडेंस अनिवार्य है, मगर ऐसे माहौल में नियमित रूप से विवि आना मुश्किल होगा। उन्हें हॉस्टलों और घरों में रहकर ही पढ़ाई करनी होगी। परिसर में अगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो इससे विवि की छवि पर ही बुुरा असर पड़ेगा।

वहीं इस संबंध में महिला सलाहकार बोर्ड की अध्यक्ष प्रो. रंजना कक्कड़ का कहना है कि उन्होंने चीफ प्राक्टर से बात की है कि वह जिला प्रशासन के साथ मिलकर इंग्लिश विभाग, राजनीतिशास्त्र विभाग, हिन्दी और मनोविज्ञान विभाग के पास सुरक्षा व्यवस्था मुहैया उपलब्ध कराएं। जिससे आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाएं न हाें। बताया कि 27 को जिला प्रशासन के साथ विवि प्रशासन की बैठक भी होगी, जिसमें रैंगिग, छेड़खानी से जुड़े मुद्दों पर बात होगी।
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इविवि परिसर में छात्राओं को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को आइसा ने जुलूस निकाल कर कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रतिनिधि मंडल ने रजिस्ट्रार से वार्ता भी की। जिसमें रजिस्ट्रार ने उन्हें दो दिन के अंदर विवि परिसर में नि:शुल्क फीस जमा करने की आनलाइन, आफलाइन सुविधा देने और महिला सुरक्षा मुद्दे पर कदम उठाने का आश्वासन दिया। इससे पूर्व यूनियन हाल में हुई सभा में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शालू यादव ने कहा कि विवि में छात्राओं के साथ उत्पीड़न दुर्भाग्यपूर्ण है। विवि में यूजीसी की गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। इस दौरान अंकित पाठक, बालमुकुंद, योगेश, गौरव, आमिर आदि मौजूद रहे।
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