यूपी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति और सूचना अपलोड करने की प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है। पांच मई 2026 तक जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कुल 33,195 विद्यालय में से केवल 1,516 स्कूल ने ही ऑनलाइन सूचना अपलोड की है। जो कि केवल 4.57 फीसदी है।
रिपोर्ट के मुताबिक सहायता प्राप्त विद्यालय की स्थिति सबसे बेहतर रही। प्रदेश के 4,521 एडेड विद्यालयों में से 604 स्कूलों ने सूचना अपलोड की। जो लगभग 13.3 फीसदी है। 7,331 राजकीय विद्यालयों में से केवल 355 स्कूलों ने डाटा भेजा है। दूसरी ओर 21,343 वित्तविहीन विद्यालयों में से महज 557 विद्यालयों ने ही पोर्टल पर सूचना अपलोड की है।
जिलेवार स्थिति में बागपत प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां 155 विद्यालयों में से 33 स्कूलों (21.29 फीसदी) ने ऑनलाइन सूचना भेजी है। इसके बाद रायबरेली (17.53 फीसदी), शामली (16.52 फीसदी) और रामपुर (15.19 फीसदी) का स्थान रहा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड के अनेक जिले पिछड़ गए। प्रयागराज में 1,087 विद्यालयों में से केवल 63 (5.80 फीसदी) स्कूलों ने डाटा अपलोड किया। वहीं राजधानी लखनऊ की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही। यहां 770 विद्यालयों में से केवल 33 (4.29 फीसदी) स्कूलों ने सूचना भेजी है।
सबसे खराब स्थिति फिरोजाबाद जिले की रही। यहां 559 विद्यालयों में से केवल एक विद्यालय ने ही सूचना अपलोड की। जिले का फीसदी मात्र 0.18 दर्ज किया गया। इसके अलावा गोंडा (0.59 फीसदी), कौशांबी (0.86 फीसदी), आगरा और अंबेडकरनगर (1.09 फीसदी) भी निचले पायदान पर रहे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी विद्यालयों को जल्द से जल्द ऑनलाइन उपस्थिति और आवश्यक सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और पिछड़े जिलों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है।