इलाहाबाद। खुदरा बाजार में प्याज की कमी नहीं है, फिर इसके भाव क्यों आसमान छू रहा है, यह बड़ा सवाल है। इसका कारण नासिक से प्याज की आवक न होने को माना जा रहा है। हालांकि मध्य प्रदेश के रीवा और सतना से इलाहाबाद में प्रतिदिन करीब 40 ट्रक प्याज पहुंच रहा है लेकिन खुदरा बाजार में पहुंचने के बजाए ज्यादा मुनाफा कमाने की लालच में इसकी जमाखोरी की जा रही है। डीएम के आदेश के बाद मंडी परिषद की ओर से शुक्रवार को भी फाफामऊ के कुछ कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी की गई लेकिन वहां प्याज नहीं मिला। हालांकि इस कार्रवाई से कोल्ड स्टोरेज में हड़कंप है। शातिर जमाखोर प्याज को किसी ऐसी जगह स्टोर कर रहे हैं, जिसकी भनक अफसरों को नहीं लग रही है।
दो दिन पहले तक खुदरा बाजार में प्याज का भाव प्रतिकिलो 40-45 रुपये के बीच था, जबकि मुंडेरा मंडी में प्याज का थोक भाव 18-20 रुपये किलो के बीच है। डीएम के निर्देश पर मंडी सचिव धनंजय सिंह ने टीम गठित कर छापेमारी शुरू कराई तो बृहस्पतिवार को खुदरा बाजार में अचानक प्याज के भाव में पांच रुपये प्रतिकिलो तक की कमी आ गई। इस बार नासिक से प्याज आने में काफी देरी हो गई है। इसका कारण महाराष्ट्र में जबरदस्त बारिश को माना जा रहा है, जिसकी वजह से प्याज ट्रकों में लोड नहीं हो रहा है, क्योंकि ट्रक पर लोड प्याज में जरा भी पानी गया तो वह खराब हो जाएगा। इसका फायदा यहां जमाखोरी करने वाले उठा रहे हैं।
वर्तमान में इलाहाबाद में रीवा, सतना से प्याज आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक इसमें से काफी मात्रा में प्याज की जमाखोरी की जा रही है। दो-तीन दिन प्याज रोके रखने से बाजार में कीमत बढ़ जा रही है। फिर से धीरे-धीरे निकाल कर बेचा रहा है। बुधवार दोपहर बाद, फिर बृहस्पतिवार और उसके बाद शुक्रवार को छापेमारी का असर खुदरा बाजार में दिखने लगा है। मंडी सचिव धंनजय सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को फाफामऊ में लखनऊ मार्ग पर दो कोल्ड स्टोरेज छापा मारा गया। इस बीच बाजार में बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को प्याज 30 से 40 रुपये प्रतिकिलो पर आ गई। सचिव ने बताया कि कोल्ड स्टोरों में छापेमारी जारी रहेगी। उन्होंने अगले सप्ताह तक प्याज की कीमत सामान्य होने की उम्मीद जताई।