विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य तकरीबन पूरा होने के बाद अफसर अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट व मृतक (एएसडी) श्रेणी में चिह्नित किए गए मतदाताओं की जांच में जुट गए हैं। कुल वोटरों के मुकाबले इनकी संख्या एक चौथाई है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य तकरीबन पूरा होने के बाद अफसर अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट व मृतक (एएसडी) श्रेणी में चिह्नित किए गए मतदाताओं की जांच में जुट गए हैं। कुल वोटरों के मुकाबले इनकी संख्या एक चौथाई है। ऐसे में जांच के बाद ही इनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे।
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इलाहाबाद व फूलपुर संसदीय सीट के तहत 12 विधानसभा क्षेत्रों में 46 लाख 92 हजार 860 वोटर हैं। इनमें से अब लगभग 12 लाख वोटर एएसडी श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। अगर वोटर लिस्ट से इनके नाम काटे जाते हैं तो मतदाता सूची में 25 फीसदी तक नाम कम हो जाएंगे। यही वजह है कि डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जिला स्तरीय अधिकारियों को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
इसके अलावा बूथों पर भी एएसडी श्रेणी के वोटरों की लिस्ट रखवा दी गई है ताकि कोई भी मतदाता या राजनीति दल के प्रतिनिधि इस लिस्ट को अवलोकन कर सकें। विसंगति होने पर सुधार के लिए आपत्ति दर्ज करा सकें। शनिवार को बूथ पर अभियान चलाकर हर बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) व राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की संयुक्त बैठकें कराई गईं।जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने भी कई बूथों का निरीक्षण किया। बैठक का उद्देश्य एएसडी की श्रेणी के वोटरों की जांच बरीकी से किया जाना रहा।