आरोप है कि भुक्तभोगियों की दुकान में भी तोड़फोड़ की गई। घायल पवन का इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा था। रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव लाया गया तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
कहा कि मुआवजा, मृतक की पत्नी को नौकरी और आरोपियों से ग्राम समाज की जमीन खाली कराई जाए। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। देर रात तक मान-मनौव्वल चलती रही।
इससे पहले रात नौ बजे के करीब हमले में घायल हुए पवन के चाचा जीतेंद्र की भी मौत हो गई। घटना में घायल होने के बाद उनको एसआरएन में भर्ती कराया गया था। वहां से इलाज के बाद घर भेज दिया गया। रविवार रात उनकी हालत दोबारा बिगड़ गई। परिजन उन्हें पास के एक नर्सिंग होम ले गए, जहां कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
एक अन्य आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
उधर रविवार को एक अन्य आरोपी विकास यादव गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इससे पहले सुनील कुमार, ध्रुव शंकर, रवि शंकर और धारा सिंह को जेल भेजा जा चुका है। एसीपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला हत्या की धारा में तरमीम कर लिया गया है। पांच अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। अंतिम संस्कार के लिए परिजनों से बातचीत की जा रही है।
तनाव को देखते हुए चार थानों की फोर्स तैनात
एक ही परिवार के दो लाेगों की मौत के बाद गांव में तनाव है, जिसे देखते हुए चार थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है। मौके पर पीएसी भी बुलाई गई। उधर मृतकों के परिवार में कोहराम मचा रहा। पवन के परिवार में बेटा शौर्य(10) मां गायत्री देवी, पत्नी अनुराधा हैं।
पुलिस देर रात तक छिपाती रही दूसरी मौत की बात
पुलिस जीतेंद्र की मौत की बात देर रात तक छिपाती रही। रात में 10 बजे के करीब एसीपी सुनील कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने मौत की जानकारी से इंकार किया। कहा कि बीपी लो होने की शिकायत पर उसे एसआरएन अस्पताल भेजा गया है। वहां की स्थिति क्या है, यह वह नहीं बता सकते। यही बात थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने भी कही।