कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर देश भर में लागू लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों के नियमित शिक्षकों एवं कर्मचारियों से एक दिन का वेतन देने की अपील की गई है। इस मसले पर कुलपति प्रो. आरआर तिवारी से निर्देश मिलने के बाद इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर से अपील जारी की गई है। अगर कोई अपना एक दिन का वेतन नहीं देना चाहते है तो उसे ई-मेल पर इसकी लिखित सूचना देनी होगी। ऐसा न करने पर मान लिया जाएगा कि संबंधित शिक्षक या कर्मचारी एक दिन का वेतन देने को तैयार हैं और इन परिस्थितियों में उनका वेतन काट लिया जाएगा।
रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर से जारी अपील में कहा गया कि कोरोना वायरस से पूरा विश्व जूझ रहा है। देश में भी हालत अच्छे नहीं हैं। लोगों के लिए जीवन निर्वाह करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में इविवि और संघटक महाविद्यालयों के नियमित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपील की है कि कोरोना से निपटने के लिए वे अपने एक दिन का वेतन दें, जो प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराया जाएगा। अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी अपना वेतन नहीं देना चाहता है तो उसे 30 मार्च तक इसकी लिखित सूचना ई-मेल financeofficerau@gmail.com पर दे। अगर, निर्धारित समय तक सूचना नहीं दी जाती है तो 30 मार्च के बाद एक दिन का वेतन खुद कट जाएगा। उधर, इविवि अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने भी सभी शिक्षकों से अपील की है कि इस भीषण संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्थिक अंशदान करें। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से भी यही अपील की है।
एजी कर्मी पीएम राहत कोष में देंगे एक दिन का वेतन
एजी ऑफिस के अफसर और कर्मचारी अपना एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में देंगे। कई अफसरों ने इससे अधिक राशि भी देने की घोषणा की है। आल इंडिया ऑडिट एवं एकाउंट्स आफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि इन दिनों देश आपदा से जूझ रहा है। इसमें मदद के लिए सभी को आगे आना चाहिए।
राष्ट्रीय राहत कोष में दिया एक दिन का वेतन
केंद्रीय विद्यालय के शिक्षकों ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष में एक दिन का वेतन का योगदान किया है। केंद्रीय विद्यालय ओल्ड कैंट के प्रधानाचार्य राजीव कुमार तिवारी, पीजीटी हिंदी डॉ. चंद्रमौलि त्रिपाठी के नेतृत्व में सभी शिक्षकों, कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन राष्ट्रीय आपदा कोष में दिया है।