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जानकी संग वन को निकले दोऊ भाई

Wed, 05 Oct 2016 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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allahabad
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इलाहाबाद। शहर के विभिन्न स्थानों पर मंगलवार को हुई रामलीला में कहीं राम वनगमन तो कहीं राम विवाह का मंचन हुआ। रामकथा के विभिन्न प्रसंगों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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 पजावा रामलीला कमेटी की ओर से राम वनवास से लेकर भरत मिलाप तक की लीला मंचित हुई। पिता की आज्ञा शिरोधार्य कर जब संन्यासी भेष धारण कर भगवान राम भ्राता लक्ष्मण और जानकी संग वन को चले तो लोगों की आंखें नम हो गईं। दशरथ ने प्राण त्यागे और गुरु वशिष्ठ ने भरत को ननिहाल से बुलाने के लिए दूत भेजे। अयोध्यानगरी शोक में डूब गई। भरत ननिहाल से अयोध्या आए और राम को अयोध्या वापस लाने के चल पड़े। राम से भरत मिले और अयोध्या चलने के लिए प्रार्थना की। राम ने पिता की आज्ञा के पालन करने की बात कही। 
इससे पहले शाहगंज स्थित राममंदिर में पूजन अर्चन के बाद राम जी, लक्ष्मण, हनुमान सहित पूरी सजधज के साथ शाहगंज, घंटाघर, जीरोरोड, सुलाकी चौराहा, बताशामंडी, लोकनाथ, कोतवाली, बच्चाजी की कोठी, रानीमंडी होते हुए अतरसुइया पजावा रामलीला मैदान पहुंचे। इस अवसर पर सचिन गुप्ता, श्यामजी अग्रवाल, राजेश मेहरोत्रा, अमित कपूर, गिरी शंकर प्रभाकर आदि उपस्थित  रहे। बीड्स की चौकी का प्रदर्शन चौक कोतवाली पर किया गया। 
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 इसी क्रम में बाघम्बरी क्षेत्र अल्लापुर की रामलीला में अहिल्या उद्धार, गंगा अवतरण, पुष्पवाटिका भ्रमण अलोपीबाग में गंगा पूजन, फुलवारी लीला, बाल समिति रामलीला सिविल लाइंस में लंका दहन, अंगद-रावण संवाद लीला मंचित हुई। 

पथरचट्टी में हुआ सिया संग राम विवाह 
श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी की रामबाग स्थित रामलीला मैदान पर ‘कथा रामराज की’ में बारात स्वागत, श्रीराम-सीता विवाह, राज्याभिषेक लीला मंचित हुई। अयोध्या से बारात का आगमन, महाराजा दशरथ और बारात की मिथिला नरेश जनक द्वारा अगवानी करना, विवाह मंडप में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता, मांडवी, उर्मिला, श्रुतिकीर्ति का आगमन और वेद मंत्रों के साथ विवाह की रस्में हुईं। जब विदाई की बेला आई तो जनक समेत सभी पुर वासियों की आंखें छलक पड़ीं। मंच का दृश्य बदलता है। वधुओं के आगमन से अयोध्यापुरी उल्लास में डूबी नजर आ रही है। राजा दशरथ मंत्रिमंडल की बैठक बुलाते हैं और राम को राजगद्दी सौंपने की इच्छा व्यक्त करते हैं। राम के राज्याभिषेक की बात नगरवासियों को मिलते ही घर-घर खुशियां मनाने आदि प्रसंगों की जीवंत प्रस्तुतियां मंत्रमुग्ध करती रहीं। कार्यक्रम में कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश पाठक, महामंत्री आनंद सिंह, प्रवक्ता लल्लूलाल गुप्त सौरभ आदि उपस्थित रहे। 

दारागंज में जयंत उद्धार, काली प्राकट्य आज
 दारागंज रामलीला कमेटी की ओर से जयंत उद्धार लीला का मंचन किया गया। भगवान की सवारी शृंगार भवन से उठकर फुलवरिया रोड से होते हुए लीला मैदान अलोपीबाग पहुंची। जहां आचार्य शिवमंगल दास के निर्देशन में भगवान राम ने जयंत का उद्धार किया। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने भावविभोर किया। इस अवसर पर अखिलेश निराला, अरविंद कुमार पांडेय, हीरालाल यादव, रवि निषाद आदि उपस्थित रहे। बुधवार को काली प्राकट्य होगा। काली संयोजक रंजन सिंह के अनुसार डा. प्रभातशास्त्री मार्ग दारागंज में माधव पहलवान के आवास से काली प्राकट्य होगा। दारागंज में दीपू पांडेय अलोपीबाग में विभव मिश्रा काली का स्वरूप धारण करेंगे। तीन दिवसीय काली प्राकट्य लीला की व्यापक तैयारी कमेटी की ओर से की गई है।  

कटरा में बारात के स्वागत में सजी जनकपुरी
कटरा रामलीला कमेटी की ओर से रामवाटिका परेड मैदान पर राम विवाह, विश्वामित्र की अयोध्या वापसी, रामराज्याभिषेक का निर्णय तक की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। जनकपुरी में जगह-जगह वंदनवार सजाए गए। ढोल मंजीरा, नगाड़ा, आतिशबाजी, शहनाई की धुन बज रही थी। विधिविधान से विवाह संपन्न हुआ। राजा दशरथ बारात लेकर अयोध्या आते हैं और राम को अपना उत्तराधिकारी घोषित करते हैं। राम के राज्याभिषेक की तैयारियां होने लगीं, अयोध्यावासियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ती है। विश्वामित्र का अयोध्या से प्रस्थान आदि  लीला के दृश्य भी लुभाते रहे। इससे पहले भारद्वाज आश्रम से चांदी के रथ पर सवार होकर राम-लक्ष्मण, जानकी भक्तों को दर्शन देने निकले। पूरे रास्ते जगह-जगह पूजन अर्चन आरती की गई। इस अवसर पर शंकरलाल चौरसिया, सुधीर कुमार गुप्ता, अश्वनी केसरवानी, सुनीत तिवारी आदि उपस्थित रहे। 
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