झूंसी का शेरडीह गांव पिछले करीब डेढ़ दशक से दो गुटों की अदावत में बुरी तरह झुलस रहा है। गांव के ही दो प्रधान परिवारों के बीच चल रही इस अदावत की चपेट में आकर अब तक पूर्व प्रधान समेत आधा दर्जन को मौत के घाट उतारा जा चुका है। गुरुवार को प्रापर्टी डीलर बल्लू की हत्या को भी इसी अदावत के परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि परिजन खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
पुलिस का कहना है शेरहीड मामले से जुड़े एक आरोपी राजू पहलवान से बल्लू का जुड़ाव था। पैसे एवं जमीन को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद था। पूरी तस्वीर तफ्दीश के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी। शेरहीड गांव में खूनी रंजिश की शुरूआत तकरीबन डेढ़ दशक पहले 2005 में तब हुई जब स्कूल में वजीफा बांटकर लौट रहे तत्कालीन प्रधान योगेंद्र याव उर्फ बच्चा को गोलियों से भून दिया गया। बच्चा की हत्या में पूर्व प्रधान चंद्रभान यादव उर्फ बाबा समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
इस घटना के तीन साल बाद 2008 में योगेंद्र के छोटे भाई धर्मेंद्र की रहिमापुर तिराहे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें भी पूर्व प्रधान चंद्रभान यादव उर्फ और उसके बेटे नामजद हुए। इसी बीच दूसरे गुट ने पलटवार करते हुए पांच जून 2016 को चंद्रभान यादव उर्फ बाबा के छोटे बेटे ज्ञानचंद्र यादव उर्फ वकील को नैनी सेंट्रल जेल के बाहर गोली और बम से भून डाला। इसमें गांव के लालता प्रसाद को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। गांव के दूसरे दो लोग भी घायल हुए। इस मामले में पूर्व प्रधान योगेंद्र के छोटे भाई शैलेंद्र यादव उर्फ लादे, जितेंद्र यादव, बहरिया के पूर्व ब्लाक प्रमुख चंद्रजीत यादव उर्फ रंजीत, अशोक यादव, वीरेंद्र उर्फ करिया समेत दस नामजद हुए। रंजिश आगे बढ़ती गई और 19 नवंबर को दोहरे हत्याकांड के आरोपी वीरेद्र उर्फ करिया की उसके घर के पास ही भाड़े के बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद 25 दिसंबर को शेरहीड निवासी विद्यासागर यादव की सिविल लाइंस में गोली मारकर हत्या क र दी गई।
हत्यारों पर 25 हजार का इनाम घोषित
प्रयागराज। प्रापर्टी डीलर की हत्या करके फरार हुए तीनों बदमाशों पर पुलिस ने पच्चीस-पच्चीस हजार का इनाम घोषित किया है। हत्या करके फरार हो रहे तीनों शूटरों की तस्वीर वहीं पास में स्थित टाइल्स की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। आईजी एवं एसएसपी ने सीसीटीवी फुटेज देखकर तीनों बदमाशों के लिए इनाम घोषित किया है।
देर-रात तक पोस्टमार्टम हाउस में जमावड़ा
प्रयागराज। बल्लू तिवारी को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया लेकिन थोड़ी देर बाद ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तब तक अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एवं उसके रिश्तेदार पहुंच चुकेथे। गांव में बल्लू की पहचान मददगार के तौर पर थी। इस वजह से बड़ी संख्या में उसके जानने वाले भी अस्पताल पहुंच गए। बड़ी संख्या में लोगों के अस्पताल में पहुंचने की सूचना पर एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव भी पहुंच गए। कई थानों से पुलिस बल भी बुला लिया गया। तमाम क्षेत्रीय नेता भी वहां पहुंच गए थे। इस बीच रात में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग शुरू कर दी गई लेकिन, डॉक्टरों के मौजूद न होने की वजह से पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए। उधर, बल्लू की मौत की सूचना जैसे ही उसके घर पहुंची वहां रोना-पिटना मच गया। पत्नी चंदा खबर सुनते ही होश खो बैठी। बेटी प्रिंसू, पीहू 10 एवं बेटा प्रिंस 8 वर्ष भी रो-रोकर बेहाल हो गए थे।
जेल में बंद दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज
प्रयागराज। प्रापर्टी डीलर बल्लू की पत्नी चंदा की तहरीर पर पुलिस ने शेरडीह प्रधान सरस्वती देवी के पुत्र राजकुमार एवं संतोष यादव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। यह दोनों ही हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। पत्नी चंदा ने पुलिस को बताया कि उनके पति का इन दोनों के साथ जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसको लेकर उनके पति को धमकाया भी जाता था। उसी विवाद में भाड़े के हत्यारों से हत्या कराई गई है।