चौतरफा विरोध के दूसरे दिन शहर में कायम रहा अमन-चैन
रोजमर्रा के कामों में व्यस्त दिखे लोग, सामान्य रहे हालात
सिविल लाइंस के साथ ही पुराने शहर में भी खुले बाजार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) के विरोध में एक दिन पहले चौतरफा प्रदर्शन के दूसरे दिन इक्का-दुक्का प्रदर्शन को छोड़कर शहर में अमन-चैन कायम रहा। सिविल लाइंस के साथ ही पुराने शहर में बाजार खुले और हालात सामान्य रहे। हालांकि प्रदेश के दूसरे शहरों के हालात को देखते हुए एहतियातन हर जगह फोर्स लगातार दूसरे दिन भी तैनात रही। अफसरों का कहना है कि फिलहाल कुछ दिनों तक सुरक्षा के मद्देनजर की गई फोर्स की तैनाती यथावत रहेगी।
सीएए के विरोध में एक दिन पहले शहर भर में जबरदस्त प्रदर्शन हुए थे। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकलकर हजारों लोगों ने न सिर्फ जुलूस निकाला बल्कि जमकर नारेबाजी भी की थी। इस दौरान कहीं हिंसा तो नहीं हुई लेकिन प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन को खासा मशक्कत करनी पड़ी थी। यही वजह रही कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस व प्रशासन की ओर से शनिवार को भी विशेष चौकसी बरती गई। शुक्रवार की तरह ही शहर भर में फोर्स की तैनाती रही। खुल्दाबाद के सब्जी मंडी, अटाला, रोशनबाग, चकिया, शाहगंज के दायरा, जंक्शन, लीडर रोड, अतरसुइया के रानीमंडी, कोतवाली के चौक, घंटाघर, जानसेनगंज, सिविल लाइंस में सुभाष चौराहा, जार्जटाउन में बालसन चौराहा, सीएमपी, कर्नलगंज में कचहरी रोड के अलावा करेली में अलग-अलग स्थानों पर भारी फोर्स सुबह से ही तैनात रही। उधर एसएसपी, एसपी सिटी समेत अन्य अफसर भी लगातार शहर भर में गश्त कर हालात का जायजा लेते रहे। हालांकि एक दिन पहले के उलट शनिवार को लगभग पूरे शहर में अमन-चैन कायम रहा। बवाल की आशंका के चलते दो दिन से प्रभावित चल रहे शहर के प्रमुख बाजार शनिवार को पूरी तरह से खुले रहे और यहां खरीदार भी पहुंचे। उधर पुराने शहर समेत शहर के अन्य हिस्सों भी जनजीवन सामान्य रहा। देर शाम तक कहीं भी किसी तरह के बड़े जुलूस व विरोध प्रदर्शन की भी बात सामने नहीं आई। जिस पर पुलिस अफसरों ने भी राहत की सांस ली। पुलिस अफसरों ने बताया कि किसी तरह के बड़े विरोध प्रदर्शन की सूचना नहीं मिली है। हर तरफ अमन-चैन कायम रहा। प्रशासनिक अफसरों के साथ मिलकर लगातार लोगों से संपर्क कर अपील की जा रही है कि वह किसी के बहकावे में न आएं।
31 दिसंबर तक के लिए मांगी गई है फोर्स
सीएए के विरोध में देश भर में हो रहे प्रदर्शन के बीच शहर में भले ही शांति का माहौल हो, लेकिन पुलिस अफसर किसी तरह की चूक नहीं चाहते हैं। यही वजह है कि शहर में फोर्स की तैनाती की व्यवस्था फिलहाल कुछ दिनों तक यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि जिला पुलिस के साथ ही पीएसी, आरएएफ के जवानों को भी ड्यूटी में मुस्तैद किया गया है। फिलहाल जो भी अतिरिक्त फोर्स है, उसे 31 दिसंबर तक के लिए रोका गया है। दूसरे शहरों के हालात पर भी लगातार नजर बनी हुई है। एहतियातन जब तक जरूरत महसूस होगी, फोर्स की तैनाती की व्यवस्था इसी तरह रखी जाएगी।
प्रशासनिक अफसर भी अलर्ट पर
उधर डीएम समेत अन्य प्रशासनिक अफसर दिन भर पुराने शहर में भ्रमण करते रहे। इस दौरान कई संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर उन्होंने निरीक्षण भी किया। प्रशासन की ओर से रविवार को भी एलर्ट की घोषणा की गई है। हर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्र में तैनात रहे। डीएम भी दिन में करीब साढ़े बाहर बजे से शाम तक करेली, चौक, खुल्दाबाद आदि क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे। उन्होंने धर्म गुरुओं तथा प्रमुख लोगों से मिलकर शांति-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया ने बताया कि पूरे शहर में शांति रही।
फुटेज से जुटाई जा रही प्रदर्शनकारियों की जानकारी
उधर एक दिन पहले हुए प्रदर्शन के मामले में जिन 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई, उन्हें चिह्नित करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। बता दें कि एक दिन पहले धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में छह थानों में 10100 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिनमें से 100 को नामजद किया गया था। पुलिस का कहना है कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद जुलूस निकालना व नारेबाजी करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। नामजद आरोपियेों की तलाश के साथ ही अज्ञात आरोपियों को सीसीटीवी कैमरों व वीडियो फुटेज से चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ ही मीडिया व पुलिसकर्मियों की ओर से बनाए गए वीडियो फुटेज भी देखे जा रहे हैं।
हॉस्टल परिसर में पहुंचे दो इनौस व आइसा सदस्य गिरफ्तार
प्रयागराज। उधर मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल परिसर पहुंचे इंकलाबी नौजवान सभा(इनौस) व आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन(आइसा) के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनौस के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य व आइसा जिला सचिव सोनू यादव शनिवार दोपहर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल में पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि दोनों वहां छात्रों को कुछ पत्रिकाएं व पर्चे बांट रहे थे। इसका का कारण पूछने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर थाने लाया गया और फिर उनका शांतिभंग में चालान कर दिया गया। देर शाम उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया। उधर आइसा व भाकपा माले की ओर से पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की गई। उनका कहना है कि दोनों को मुस्लिम बोर्डिंग के छात्रों से मिलने जाते वक्त गिरफ्तार किया गया जो पूरी तरह गलत है।
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महिलाओं ने निकाला जुलूस, पोस्टर लेकर किया विरोध
0 मुस्लिम इलाकों में पूरे दिन होती रही नुक्क ड़, चौराहों पर चर्चा
0 चड्ढा रोड को किया वनवे, नखासकोहना के पास भी बैरिकेडिंग
प्रयागराज। एनआरसी और सीएए के विरोध में चौक स्थित जामा मस्जिद में जोहर (दोपहर) की नमाज के दौरान कुछ महिलाओं ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि उन्हें पुलिस अफसरों ने समझाकर वापस कर दिया। उधर करेली, गौैसनगर, रसूलपुर, अटाला, नूरुल्लाह रोड, नखासकोहना, पत्थर गली, चौक, दायराशाह अजमल, रानीमंडी, सब्जीमंडी, शाहगंज, दरियाबाद सहित शहर के मुस्लिमबहुल मोहल्लों के नुक्कड़, चौराहों पर आंदोलन और कानून को लेकर तरह-तरह की अटकलों, अफवाहों, प्रतिक्रियाओं का दौर जारी रहा।
जुमे की नमाज की तर्ज पर जोहर की नमाज से पहले ही आला अफसरों ने कोतवाली में डेरा डाल दिया था। आरएफ की दो बड़ी गाड़ियों के अतिरिक्त बारी-बारी से पुलिस की कई और गाड़ियां आ जुटीं। रोज की तरह ही जामा मस्जिद से पौन दो बजे अजान और फिर दो बजे जमात खड़ी हुई। नमाज पूरी होने के बाद नमाजी निकल ही रहे थे कि तभी सेवंई मंडी से दोनों हाथों में पोस्टर लिए निकली महिलाओं की टोली प्रदर्शन करते और नारे लगाते हुए कोतवाली की ओर बढ़ी। जुलूस में महिलाओं, लड़कियों के अतिरिक्त छोटे बच्चे और युवा-किशोर भी शामिल थे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की टोली चौक घंटाघर की ओर बढ़ी लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर सब्जीमंडी की ओर मोड़ दिया।
चड्ढा मार्ग पर बंद रहने से परेशान हुए राहगीर
उधर भले ही हालात सामान्य रहे हों लेकिन पुलिस की ओर से कोतवाली के आसपास समेत शहर में कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर लागू की गई ट्रैफिक डायवर्जन व्यवस्था शनिवार को भी लागू रही। जिससे राहगीरों को दिक्कत भी हुई। चौक में ‘वनवे’ पहले से ही था। कोतवाली से अतरसुइया की ओर जाने वाली चड्ढा रोड और नखासकोहना से कोतवाली की ओर आने वाली जीटी रोड, दोनों पर ही बैरिकेडिंग की गई थी। चड्ढा रोड को भी वन वे किए जाने से अतरसुइया, मीरापुर की ओर जाने वालों को सुहाग स्टोर, दायराशाह अजमल, रोशनबाग या खुल्दाबाद होकर जाना पड़ा। इससे महिलाओं, बुजुर्गों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।