यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने बीएसएनएल अनपरा की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका में बिजली बहाल करने तथा समाधान योजना के तहत सरचार्ज माफ करते हुए बकाया जमा करने का मौका देने का निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट निर्देश पर भारत संचार निगम लिमिटेड अनपरा, सोनभद्र के प्रबंध निदेशक ने हलफनामा दाखिल कर बताया बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है। बकाये बिल को लेकर विवाद याची को उप्र विद्युत आपूर्ति संहिता 2005 के खंड 7 और 10 के तहत कंज्यूमर ग्रीवांस रिड्रेसल फोरम एवं अम्बुड्समैन के समक्ष शिकायत करने का वैकल्पिक अनुतोष पाने का अधिकार है।
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इस पर कोर्ट ने केस की मेरिट पर कोई राय न देते हुए याचिका निस्तारित कर दी और कहा याची नियमानुसार फोरम में अनुतोष के लिए जा सकता है। इससे पहले कोर्ट ने याची बीएसएनएल को उप्र विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता के साथ बैठकर 24 घंटे में समाधान निकालने का आदेश दिया था और विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक को समाधान निकालने के दिशानिर्देश जारी करने को कहा था।
साथ ही विद्युत निगम लखनऊ के प्रबंध निदेशक को विद्युत कनेक्शन काटने के स्पष्टीकरण के साथ व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने या 16 जनवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया था। जिसके अनुपालन में हलफनामा दाखिल किया गया। यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने बीएसएनएल अनपरा की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका में बिजली बहाल करने तथा समाधान योजना के तहत सरचार्ज माफ करते हुए बकाया जमा करने का मौका देने का निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।