नैनी सेन्ट्रल जेल की सुरक्षा को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से जेल के बाहर ऊंची-ऊंची दीवारों का निर्माण कराया गया है। जिससे जेल की सुरक्षा में कोई सेंधमारी न कर सके। वहीं जेल में बंदियों की संख्या अधिक और क्षमता कम होने के कारण जेल कैंपस में ही जिला जेल का निर्माण कराया जा रहा है।
उसी जेल की दीवारों से दीवारों से सौ फिट की दूरी पर कोई एक बड़े अपार्टमेंट का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि जेल की दीवारों से सौ फिट की दूरी तक कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। ऐसे में सेन्ट्रल जेल की दीवार से सटे एक बड़े अपार्टमेंट का निर्माण हो रहा था। जिससे जेल प्रशासन की नोटिस मिलने के बाद एडीए ने रुकवा दिया। जिसकी जांच शासन स्तर पर चल रही थी।
शासन स्तर पर इसकी जांच के लिये एक टीम बनाई भी बनाई गयी है। जिस टीम के तहत शुक्रवार को डीएम, एसएसपी, एसपी यमुनापार सहित एडीए के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। इसके बाद जिलाधिकारी व एसएसपी ने जेल का भी मुआयना किया।
केन्द्रीय कारागार नैनी में कैदियों की संख्या अधिक और क्षमता कम होने के कारण जेल कैंपस में ही जिला जेल बनाया जा रहा है। जिसकी तैयारी कई महीनों से चल रही है। लेकिन जहां जिला जेल का निर्माण कार्य चल रहा है वहीं जेल की दीवारों से लगे अपार्टमेंट को जेल की सुरक्षा को देखते हुए जेेल प्रशासन ने एक नोटिस जारी की थी। जिसके बाद से निर्माण कार्य पर एडीए प्रशासन ने रोक लगा दी थी। अपार्टमेंट का निर्माण कार्य बंद हो गया था। निर्माण कार्य को देखते हुए शासन की ओर से एक कमेटी का गठन भी किया गया था।
जिसमें जिलाधिकारी संजय कुमार, एसएसपी केएस इमैनुअल, जेल डीआईजी, एडीए के अधिकारी व जेल सुरक्षा मुख्यालय से आये सुरेश्वर सिंह शामिल थे। शुक्रवार केेे दिन टीम के सभी सदस्यों ने जेल पहुंचकर घंटों मुआयना किया और जेल से सटी उस बिल्डिंग की ऊंचाईयों का भी मुआयना किया। उस दौरान अधिकारियों ने जेल के निर्माण से पहले ही उसमें रहने वाले बंदियों की सुरक्षा को आंका और कुछ अहम निर्णय लिये। हालांकि इस बाबत में जिलाधिकारी संजय कुमार ने शासन के आदेश पर बनाई गई टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है। अभी जांच की जा रही है।
नैैनी सेन्ट्रल जेल से महज बीस फिट की दूरी पर बने चार से पांच मंजिले मकानों की खबर को पहले भी प्रकाशित किया जा चुका है। जिसके बाद से प्रशासन के निर्देश पर जिला जेल के बगल बन रहे अपार्टमेंट के निर्माण कार्य को तो प्रशासन ने रोकवा दिया। लेकिन जेल रोड के पीछे बनी कालोनी में जेल दीवार के बराबर बनाये गये मकानों को अधिकारियों ने संज्ञान में नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार इस कालोनी में जेल कर्मियों के अपने भी मकान हैं।