सीएम के निर्देश पर 15 दिनों के स्वच्छता अभियान की शुरुआत
विश्व के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुंभ के अवसर पर लगभग 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप महाकुंभ को दिव्य-भव्य के साथ स्वच्छ महाकुंभ के तौर पर भी संचालित किया गया। 15,000 से अधिक स्वच्छता मित्रों और लगभग 2000 गंगा सेवा दूतों ने निरंतर गंगा नदी और मेला क्षेत्र को साफ और स्वच्छ बनाए रखने में कोई कसर बाकी नहीं रखी।
इसी क्रम में महाकुंभ के समापन अवसर पर सीएम योगी ने स्वच्छता कर्मियों और गंगा सेवा दूतों को सम्मानित करने के साथ मेला क्षेत्र, संगम के घाटों और प्रयागराज नगर को स्वच्छ और निर्मल बनाने का निर्देश दिया है। ताकि महाकुम्भ के बाद भी तीर्थराज प्रयागराज में आने वाले श्रद्धालु साफ और स्वच्छ संगम में पवित्र स्नान कर सकें।
संगम क्षेत्र को श्रद्धालुओं के लिए बनाया जाएगा स्वच्छ और निर्मल
मेले की विशेष कार्यधिकारी आकांक्षा राना ने सीएम योगी के निर्देशों के अनुरूप शुक्रवार से महाकुंभ मेला क्षेत्र की सफाई के विशेष अभियान की शुरूआत कर दी गई है। जिसके तहत अगले 15 दिनों तक निरंतर संगम के घाटों, मेला क्षेत्र, मंदिरों और स्थायी व अस्थायी सड़कों को साफ और स्वच्छ करने का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में लगाए गए 1.5 लाख अस्थाई शौचालयों को भी डिसमेंटल कर हटाया जाएगा।
मेला क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण नैनी स्थित बसवार प्लांट में किया जाएगा। इसके साथ ही जल निगम नगरीय और ग्रामीण की ओर से बिछाई गई पाइप लाइन और विद्युत विभाग की ओर से लगाई गई स्ट्रीट लाइटों को भी मेले क्षेत्र से हटाने का कार्य शुरू हो गया है। मेला क्षेत्र में लगाए गए साधु-संन्यासियों और कल्पवासियों के टेंट और पंडाल हटाए जा रहे हैं। साथ ही नगर निगम प्रयागराज शहर को हरित, साफ और स्वच्छ बनाने का कार्य सुचारू रूप से कर रहा है।