हाईकोर्ट के आदेश की नाफरमानी महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को महंगी पड़ गई। कोर्ट के आदेश के बावजूद जवाब नहीं दाखिल करने पर उन पर दस हजार रुपये हर्जाना लगाया गया है। उनको इस मार्च को अपने जवाब के साथ तलब भी किया गया है।
कानपुर की जन उत्थान विधिक सेवा समिति ने कैंसर संस्थान कानपुर की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। कहा गया कि संस्थान में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इस पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण से दो माह पूर्व जवाब तलब किया था।
सुनवाई के समय पता चला कि महानिदेशक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस नाराजगी जताते हुए खंडपीठ ने महानिदेशक पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है साथ ही उनको दस मार्च को हलफनामे के साथ न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।