अक्षय तृतीया पर बाजार में रौनक लौट आई। इस दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है सो सबसे ज्यादा खरीदारी हीरे और सोने-चांदी की ज्वैलरी तथा चांदी के बरतनों की हुई। इसके साथ चारपहिया और दुपहिया गाड़ियां भी खूब बिकी। अक्षय तृतीया पर चारपहिया वाहन लेने के लिए लोगों ने पहले से बुकिंग करा रखी थी। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने फ्लैट भी खरीदे और बुक कराए। इसके साथ इलेक्ट्रानिक आइटम्स की काफी बिक्री हुई। इसके लिए शोरूमों में देर शाम तक भीड़ जुटी रही। एक अनुमान के मुताबिक अक्षय तृतीया पर इलाहाबादियों ने ज्वैलरी, वाहन, फ्लैट आदि पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए।
पिछले कुछ वर्षों में अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर कीमती वस्तुएं खरीदने का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। धनतेरस के बाद अक्षय तृतीया पर ही बाजार में सबसे ज्यादा रौनक भी होती है, सो इस शुभ दिन को कैश कराने के लिए शोरूमों में पहले से तैयारी की गई। खरीदारी के लिए हर कोई अपनी हैसियत के हिसाब से बाजार में पहुंचा। इसमें मौसम ने भी साथ दिया। वाहन शोरूमों में तो सुबह से ही ग्राहक पहुंचने लगे लेकिन दोपहर बाद सूरज के तेवर कुछ नरम पड़ने और आसमान में बादल छाने के बाद बाजार में भीड़ भी बढ़ने लगी। फिर देर शाम तक शोरूमों में खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।
58 करोड़ की बिक गई ज्वैलरी
अक्षय तृतीया को सोना-चांदी खरीदने के लिहाज से सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन ज्यादातर महिलाएं ज्वैलरी खरीदने को बाजार में जुटती हैं। सोने की कीमत 30 हजार रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 40500 रुपये प्रतिकिलो के स्तर पर होने के बावजूद बढ़ी कीमतों की चिंता किए बगैर सोमवार को सिविल लाइंस में तनिष्क, रिलायंस, गीतांजली, तारा, डी-डमास जैसे बड़े ब्रांड के शोरूमों में महिलाओं की भीड़ जुटी। छुट्टी का दिन होने के कारण कटरा, जानसेनगंज, चौक, कोठापार्चा, मीरापुर, अल्लापुर, सुलेमसराय आदि बाजारों के बड़े-छोटे ज्वैलरी शोरूमों में जबरदस्त भीड़ जुटी। एक अनुमान के मुताबिक तरह-तरह की ज्वैलरी पर शहरियों ने 58 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। इसमें सोने-चांदी और हीरे के जेवरों के साथ चांदी के बरतनों की भी खूब बिक्री हुई।
10 करोड़ की बिकी कार-बाइक
इस शुभ अवसर पर कार और बाइक की जबरदस्त बिक्री हुई। इस दौरान विभिन्न कंपनियों की करीब 90 चारपहिया गाड़ियां और 400 सौ दुपहिया गाड़ियों की बिक्री हुई। शहरियों ने इस पर तकरीबन 10 करोड़ रुपये खर्च किए। सबसे ज्यादा मारुति की गाड़ियां बिकी। शहर में दो शोरूमों से अकेले मारुति की 32 गाड़ियां बिकीं। इसके साथ महेंद्रा, टाटा, सर्वेरले, सुजुकी, होंडा, रेनॉल्ड, टोयटा कंपनियों की 58 गाड़ियां बिकी। चारपहिया वाहन की औसत कीमत सात से साढ़े सात लाख रुपये भी मान ली जाए तो इस हिसाब से कार बाजार करीब सात करोड़ रुपये बरसे। इसी तरह हीरो क्रॉप, होंडा, बजाज, यामाहा, टीवीएस, सुजुकी आदि कंपनियों की करीब 400 दोपहिया गाड़ियां बिकीं। औसत कीमत 60 हजार रुपये के हिसाब से दोपहिया वाहन बाजार में करीब तीन करोड़ रुपये की आय हुई।
30 करोड़ के बिक गए फ्लैट
अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शहर में काफी फ्लैटों की भी बिक्री हुई। सिविल लाइंस, लूकरगंज, जार्जटाउन, हिन्दू हॉस्टल के पास तथा नैनी में बने रहे निजी बहुमंजिला अपार्टमेंट्स में करीब 55 फ्लैट की बिक्री हुई। इसमें से कुछ लोगों ने पहले से बुक कराए फ्लैट में सोमवार को कब्जा लिया तो कई लोगों ने इस शुभ अवसर पर फ्लैट बुक भी कराए। इन अपार्टमेंट्स में फ्लैटों की कीमत 40 लाख रुपये से सवा करोड़ रुपये तक है। इस हिसाब से औसम कीमत 50-50 लाख रुपये भी मान ली जाए तो बिल्डरों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के खाते में तकरीबन 30 करोड़ रुपये आए।
मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरण भी खूब बिके
अक्षय तृतीया के अवसर पर ज्वैलरी, वाहन के साथ मोबाइल, टीवी, फ्रिज, एसी जैसे आदि इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों की भी काफी बिक्री हुई। एक अनुमान के मुताबिक सिविल लाइंस, जानसेनगंज, हीवेट रोड, चौक, कटरा स्थित इलेक्ट्रानिक शोरूमों में तकरीबन दो करोड़ रुपये के सामानों की बिक्री हुई।
‘धनतेरस के बाद अक्षय तृतीया ऐसा अवसर जिसे लोग महंगी चीजें खरीदने के लिए शुभ मानते हैं। पिछले कुछ समय में अक्षय तृतीया पर खरीदारी का प्रचलन बढ़ा है। लोगों की आय बढ़ने के साथ इसके लिए लाइफस्टाल में परिवर्तन को भी कारण माना जा सकता है।’ निधि पी सिंह, बाजार की जानकार