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शहर में अवैध पार्किंग पर हाईकोर्ट सख्त

Tue, 19 Jul 2016 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर में अनियमित और अवैध पार्किंग पर हाईकोर्ट सख्त है। हालात सुधारने के लिए इलाहाबाद विकास प्राधिकरण(एडीए) को व्यापक निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि इन आदेशों का सख्ती से पालन किया जाए तथा अवैध पार्किंग कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अशोक कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने कहा है कि शहर के रेस्टोरेंट, दुकानों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के सामने अवैध पार्किंग होने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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एडीए के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बताया कि अवैध पार्किंग के वाहनों का चालान किया जा रहा है। कोर्ट ने एडीए को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर सभी इलाकों में पार्किंग की समस्या और उसे दूर करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी जाए। आगाह किया है कि की गई कार्रवाई जमीनी स्तर पर नजर आनी चाहिए। शराब की दुकानोें के सामने अवैध पार्किंग पर भी कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सड़क की दुकानों पर कार्रवाई का निर्देश
सिविल लाइंस इलाके में रोड के किनारे बने चबूतरों को छोड़कर सड़क पर दुकान लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीएससी रमेश उपाध्याय ने आश्वासन दिया कि अदालत के आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
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93 व्यवसायिक भवनों में नहीं है पार्किंग
एडीए की ओर से बताया गया कि शहर में 93 व्यावसायिक भवन ऐसे मिले हैं जिनमें पार्किंग नहीं है और वह निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इनमें से 67 की पहचान कर ली गई है। ऐसे भवनों को शीघ्र ही सीज कर दिया जाएगा। 12 भवन ध्वस्त किए गए हैं। 200 वर्ग गज से अधिक क्षेत्रफल के भवनों में ही पार्किंग की व्यवस्था करने का नियम है। दुकान के सामने एक वाहन रखने की अनुमति है। कोर्ट ने एडीए को निर्देश दिया है कि बिना पार्कि ंग वाले भवनों का नक्शा पास न किया जाए। अवैध पार्किंग के खिलाफ यातायात पुलिस को भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

खुद के संसाधन जुटाए नगर निगम
हाईकोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिया है कि वह प्रभावी तरीके से बकाए की वसूली करे। करोड़ों रुपये के बकाएदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा सरकारी अनुदान के बजाए खुद के संसाधनों का उपयोग कर जनसुविधाओं में वृद्धि की जाए। अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि नगर निगम अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर रहा है। नगर आयुक्त ने बताया कि इस संबंध में बाई लॉज बनकर तैयार है अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया है। बड़े बकाएदारों के खिलाफ वसूली नोटिस जारी किया गया है।

सबसे प्रदूषित शहर नहीं है इलाहाबाद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बताया गया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट गलत है। इलाहाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक नहीं है। शहर में प्रदूषण का स्तर अपर लेवल का है और यह डब्ल्यूएचओ द्वारा बताए गए प्रदूषण स्तर से काफी कम है। 
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