सुमित पांडेय की हत्या के मामले में जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं द्वारा किया जा रहा आंदोलन स्थगित हो गया है । सोमवार से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया गया है। वकीलों द्वारा की जा रही मांगे आंशिक रूप से मान लिए जाने के बाद बार की कार्यकारिणी ने शुक्रवार को हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की।
संघ के मंत्री कौशलेश कुमार सिंह ने बताया है कि शुक्रवार को आम सभा राकेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई । सभा में अधिवक्ताओं को अवगत कराया गया कि शासन की ओर से सुमित पांडेय के परिवार को बीस लाख रुपए की सहायता राशि का चेक जारी कर दिया गया है। घटना की सीबीआई जांच के लिए एसएसपी और डीएम ने अनुमोदन कर दिया है। अधिवक्ताओं द्वारा किया जा रहा आंदोलन स्थगित किया जाता है । शनिवार को सोरांव तहसील बार एसोसिएशन का चुनाव होने के कारण अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे । सोमवार से अधिवक्ता न्यायिक कार्य करेंगे । आम सभा में यह निर्णय लिया गया है कि हत्या की सीबीआई से जांच कराने के लिए जिला अधिवक्ता संघ द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेगा।
संघ के अध्यक्ष ने अधिवक्ता संगठनों के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है और जिले की सभी तहसील बार एसोसिएशन से न्यायिक कार्य शुरु करने की अपील किया है। आम सभा में जगतपाल सिंह , विनोद चन्द्र दुबे , राजेंद्र श्रीवास्तव, कृष्ण बिहारी तिवारी, अखिलेश झा, दिनेश श्रीवास्तव, सूबेदार सिंह, लक्ष्मी कांत मिश्र प्रभात कुमार श्रीवास्तव श्याम जी,मंजेश शुक्ला, सुधाकर द्विवेदी, कमलेश्वर प्रसाद तिवारी, श्रीप्रकाश शुक्ला, प्रिया तिवारी, बृजभान सिंह , मनोज कुमार पांडेय , कुश पांडेय , सुनील पांडेय आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे है।
अधिवक्ता सुमित पांडेय को तीन जुलाई 2016 को सुबह गोली मार दी गई थी । जिनकी 23 जुलाई 2016 को इलाज के दौरान पीजीआई में मृत्यु हो गई थी । अधिवक्ता की मृत्यु के बाद संघ ने उनके परिवार को पचास लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने,घटना की जांच सीबीआई से कराए जाने, वास्तविक अभियुक्तों की गिरफ्तारी किए जाने आदि मांगो को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था।
हाईकोर्ट के वकीलों ने समाप्त किया धरना
सुमित पांडेय की हत्या के विरोध में हाईकोर्ट के वकीलों द्वारा दिया जा रहा धरना भी शुक्रवार को समाप्त कर दिया गया। पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु पांडेय ने बताया कि हाईकोर्ट और कचहरी के वकीलों के दबाव के कारण शासन द्वारा उनकी मांगे स्वीकार कर ली गई हैं। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश पांडेय और मंत्री कौशलेश सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर मांगे पूरी होने की जानकारी दी। उन दोनों के अनुरोध पर हाईकोर्ट के वकीलों ने धरना समाप्त कर दिया है।