बीते एक मार्च को करंट के चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। सोमवार शाम को पोस्टमार्टम से बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। बाद में आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, दो बीघा कृषि भूमि, इकलौती बेटी की शादी के लिए आर्थिक मदद और एक बच्चे को सरकारी नौकरी दिए जाने का आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
तीन दिन पूर्व नवाबगंज थाना क्षेत्र के डेरवा गांव निवासी उमा (45) पत्नी त्रिभुवन खेत में झटका मशीन की करंट की चपेट में आ गई थी। इससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बेटे सूरज कुमार की तहरीर पर पुलिस ने हरि तिवारी व पप्पू सेन के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
हंगामे की सूचना पर एसओ नवाबगंज राघवेंद्र सिंह भारी मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन मनाने को तैयार नहीं थे। बाद में नायब तहसीलदार धीरज पटेल ने पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया तो परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। दोपहर में पुलिस की मौजूदगी में शृंग्वेरपुर घाट स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।