क्रिसमस और नये साल की छुट्टियाें में जिन लोगों ने साउथ इंडिया या फिर गोवा जाने का प्रोग्राम बना रखा था उसमें से अधिकांश लोग अब अपना प्लान बदल रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने क्रिससम और उसके आसपास की छुट्टियों में अपने रिजर्वेशन दक्षिण भारत या गोवा जाने वाली ट्रेनों में करवा रखे थे वे अब उसे निरस्त भी कराने लगे हैं। इसकी एक बड़ी वजह नोटों की किल्लत है। रिजर्वेशन करवाने वाले लोगों का कहना है कि अभी तय नहीं है कि बड़े नोट एवं फुटकर पैसों की किल्लत कब तक समाप्त होगी। इसी वजह से रिजर्वेशन निरस्त कराया गया है।
राजरूपपुर के रहने वाले राजीव श्रीवास्तव ने अपने परिजनों के साथ 15 दिसंबर के बाद रामेश्वरम, कन्याकुमारी, तिरुपति आदि जाने का प्रोग्राम बना रखा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से चल रही फुटकर पैसों की मारामारी को देखते हुए उन्होंने अपने कंफर्म टिकट निरस्त करवा दिए। मधुवन विहार कालोनी में रहने वाले पीपी शर्मा ने भी क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान गोवा, मंगलौर जाने का कार्यक्रम बनाया था। उन्होंने दशहरे के पूर्व ही संबंधित स्थानों पर जाने वाली ट्रेनों में अपने टिकट करवा लिए थे। राजीव श्रीवास्तव की तरह मजबूरी में उन्हें भी अपने टिकट निरस्त करवाने पड़े। पीपी शर्मा ने बताया कि अभी तय नहीं है कि फुटकर पैसों की मारामारी देश में कब तक रहेगी।
अपने शहर में तो किसी तरह से इंतजाम किया जा सकता है, लेकिन बाहर अगर दिक्कत आई तो किससे मदद मांगी जाएगी। उधर इलाहाबाद जंक्शन की बात करें तो सोमवार को भी टिकट निरस्त करवाने वाले यात्रियों की संख्या काफी रही। रिजर्वेशन सेंटर में तैनात बुकिंग क्लर्कों ने बताया कि सोमवार को अन्य दिनों के मुकाबले टिकट निरस्त करवाने वाले यात्रियों की संख्या 40 फीसदी ज्यादा रही। एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि इधर लंबी दूरी की यात्रा वाले टिकट निरस्त होने की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि बोर्ड का स्पष्ट निर्देश है कि अगर रिफंड की राशि ज्यादा है तो संबंधित यात्री के खाते में ही रिफंड जाएगा।