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Old Naini Yamuna Bridge : आज भी जवान है 160 साल पुराना नैनी यमुना पुल, 44.46 लाख रुपये में हुआ था तैयार

Mon, 21 Jul 2025 05:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

ब्रिटिश हुकूमत के दौरान तैयार किया गया नैनी यमुना पुल अगले माह 15 अगस्त को 160 वर्ष को हो जाएगा। 160 वर्ष पुराना यह पुल रेलवे के मिशन रफ्तार का महत्वपूर्ण अंग है।
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प्रयागराज में यमुना पर बना पुरानी नैनी ब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ब्रिटिश हुकूमत के दौरान तैयार किया गया नैनी यमुना पुल अगले माह 15 अगस्त को 160 वर्ष को हो जाएगा। 160 वर्ष पुराना यह पुल रेलवे के मिशन रफ्तार का महत्वपूर्ण अंग है। यह पुल अब ट्रेनों की 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार को झेलने के लिए भी तैयार हो चुका है। रेलवे प्रशासन ने इस पुल के स्ट्रक्चर को 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए फिट घोषित कर दिया है।

अमूमन नदियों पर बने किसी भी पुल की अधिकतम उम्र 50 से 60 वर्ष ही होती है लेकिन अंग्रेजों के जमाने में तैयार हुआ नैनी यमुना पुल 15 अगस्त 2025 को 160 वर्ष का हो जाएगा। 15 अगस्त 1865 को पहली बार इस पुल से ट्रेन गुजरी थी। अपनी मजबूती की वजह से यह पुल आज भी पूरी तरह जवान है। बताया जाता है कि जब इस पुल पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हुआ तो उस दौरान अधिकांश ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 50 से 60 किमी प्रतिघंटा थी।

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समय का पहिया आगे बढ़ा तो इस पुल पर ट्रेनों की रफ्तार में भी इजाफा होने लगा। वर्तमान समय में इस पुल से गुजरने वाली मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें 100 से 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गुजरती हैं। रेलवे के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के तहत नैनी यमुना पुल पर इंजीनियरिंग और ब्रिज विभाग की ओर से कुछ तकनीकी कार्य किए गए। इसके बाद यह पुल अब 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए फिट घोषित कर दिया गया है।

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बता दें मिशन रफ्तार के तहत दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा की जानी है। इसके लिए इस ट्रैक को कवच से लैस किया जा रहा है। दिल्ली-हावड़ा रूट के गाजियाबाद-पंडित दीन दयाल उपाध्याय सेक्शन पर बाउंड्रीवॉल भी बनाई जा रही है। 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा कुछ अन्य तकनीकी कार्य भी अब अंतिम चरण में है।

नैनी रेल पुल का स्ट्रक्चर 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए फिट है। मिशन रफ्तार के तहत गाजियाबाद-पंडित दीन दयाल उपाध्याय सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रतिघंटा होनी है। - शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ, एनसीआर

नैनी रेल ब्रिज से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस पुल से आज भी रोज तकरीबन 200 ट्रेनों की आवाजाही होती है।
  • ब्रिटिश इंजीनियर सिवले की देखरेख में बने इस पुल पर रेल आवागमन 15 अगस्त 1865 को शुरू हुआ था।
  • 3150 फीट लंबे इस पुल का तब 44 लाख 46 हजार 300 रुपये में निर्माण हुआ था।
  • 14 पिलर पर बने नैनी यमुना पुल का पूरा स्ट्रक्चर ठोस लोहे का है।
  • वर्ष 1859 में पुल बनाने का कार्य शुरू हुआ था जो छह वर्ष में पूरा हुआ था।
  • यमुना के तेज बहाव के चलते पुल के एक पिलर की डिजाइन हाथी पांव जैसी है।
  • वर्ष 1913 में नैनी पुल पर बिछाई गई थी दूसरी लाइन, 1929 में हुई पुल की रीगार्डरिंग।
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