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Mahakunbh : ओल्डजीटी पांटून पुल और पांच पुलियों के पीपे धंसे, यातायात ठप

Sun, 29 Dec 2024 12:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

महाकुंभ का प्रथम स्नान पर्व नजदीक है लेकिन पांटून पुलों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। कागज में 20 से 25 पांटून चालू है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कई पांटून पुल के पीपे धंस गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। 
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ओल्ड जीटी पर निर्माणाधीन पांटून ब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ के अखाड़ा सेक्टर को जोड़ने वाले ओल्डजीटी पांटून पुल के दो पीपे और पांच पुलियां धंस जाने से आवाजाही बंद करनी पड़ी है। बारिश के बीच अधबनी सड़कें भी कीचड़ से सराबोर हो गई हैं। कई रास्ते बंद होने और कीचड़ के कारण संतों, भक्तों और बसावट में लगे श्रमिकों की मुसीबत बढ़ गई है।

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ओल्ड जीटी पांटून पुल नंबर 14 के दो पीपे शुक्रवार रात किसी समय धंस गए। बताते हैं कि ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के गुजरने से यह धसान हुआ है। इसकी जानकारी पर पुल के अवर अभियंता मृत्युंजय चौबे ने यातायात बंद करा दिया। दिन भर यही स्थिति रही।

आवाजाही बंद होने से संतों, श्रद्धालुओं और टेंट प्रदाता कंपनियों के वाहनों को गंगोली शिवाला के अलावा काली पांटून पुल से मेला क्षेत्र में प्रवेश करना पड़ा। 15 नंबर पांटून पुल में भी खराबी आने से दोपहर बाद चार पहिया वाहनों का यातायात रोकना पड़ा। बारिश के बीच पांच पुलियां भी धंस गईं। समयामाई पुलिया पर यातायात रोकने के लिए प्रवेश द्वार पर चकर्ड प्लेटों का घेरा बनाया गया था। हरिश्चंद्र पुलिया पर भी यातायात चालू कराने के लिए जेई-ठेकेदार मशक्कत करते रहे।

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रेती पर कुछ इस तरह बिछाए गए हैं चकर्ड प्लेट। - फोटो : अमर उजाला।
त्रिवेणी और काली पांटून पुलों पर कई जगह क्लैंपिंग टूटने से चकर्ड प्लेटें मुड़कर उखड़ गई हैं। इससे वाहनों के बंफर टूटने के साथ हादसे की आशंका बनी हुई है। मेला नजदीक आने के साथ अस्थाई कार्यों में बदइंतजामी सिर चढ़कर बोलने से चिंता बढ़ गई है। हेतापट्टी के भोलानाथ पांडेय को मेला कार्यालय जाने के लिए पांच बार रास्ता बदलना पड़ा। वह साइकिल से घंटों भटकते रहे। उनके मुताबिक, समयामाई समेत पांच पुलियां बंद होने से उन्हें दूसरे रास्तों पर भेज दिया गया।

राधा सत्संग समिति के शिविर के प्रबंधक पीसी शुक्ला ने बताया कि संगम लोवर मार्ग, मुक्ति मार्ग, हरिश्चंद्र मार्ग, तुलसी मार्ग, ओल्डजीटी मार्ग समेत अन्य रास्तों पर नाममात्र की बालू डालकर चकर्ड प्लेटें बिछाई गई हैं। बिना क्लैंपिंग के लगी कई जगह चकर्ड प्लेटें उठी हुई हैं। इससे लोग चोटिल भी हो रहे हैं। वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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निर्माणाधीन पांटून पुल। - फोटो : अमर उजाला।
आधा दर्जन पांटून पुलों-पुलियों का निर्माण बाकी

आधा दर्जन से अधिक पांटून पुलों का निर्माण अभी तक नहीं हो सका है। सोमेश्वर महादेव के पास से संगम को जोड़ने वाले पुल नंबर-एक का निर्माण नहीं हो सका है। पुल संख्या तीन, चार, पांच और छह का भी निर्माण अभी अधूरा है।
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