ग्राम पंचायत सोढ़िया में मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने पहुंचे डीसी मनरेगा गुलाबचंद को न तो चकमार्ग मिला न ही फाइल। जबकि पांच माह पहले कागजों में चकमार्ग बनाकर तैयार हो गया था। सत्येंद्र तिवारी और प्रदीप तिवारी की शिकायत पर डीसी मनरेगा जांच करने पहुंचे थे। लेकिन, उन्हें फाइल तक नहीं मिली।
बताया गया कि चकमार्ग विजईकेपुरा से लल्लन प्रसाद के घर तक दर्शाया गया है, लेकिन मौके पर न तो मार्ग का कोई स्पष्ट निशान मिला और न ही कार्य कराए जाने का प्रमाण। जांच के दौरान डीसी मनरेगा द्वारा संबंधित अभिलेख (फाइल) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। लेकिन, ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर से कोई भी फाइल मौके पर प्रस्तुत नहीं की जा सकी। डीसी मनरेगा ने संबंधित अफसरों को फाइल के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।