प्रयागराज। सरकारी विद्यालयाें में अब अफसर पढ़ाएंगे। इतना ही नहीं इनमें डीएम, एसएसपी की भी क्लास लगेगी। इससे शिक्षा में सुधार के साथ बच्चों को प्रेरणा मिलने की भी बात कही जा रही है। हर ब्लाक में तीन-तीन विद्यालयों में इसी महीने से यह व्यवस्था लागू होगी। हर स्कूल पर दो-दो अफसरों की पढ़ाने की ड्यूटी लगाई जाएगी। सीडीओ प्रेम रंजन सिंह को इसकी योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब ग्रामीण प्राथमिक विद्यालयों के बजाय निजी स्कूल को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका नतीजा है कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। प्रमुख सचिव डॉ.रजनीश दुबे ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बेसिक शिक्षा पर सबसे अधिक 50 हजार करोड़ रु़पये खर्च हो रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा वेतन पर खर्च होता है। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में बच्चों की कम संख्या चिंताजनक है। उन्होंने सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए अफसरों को भी पढ़ाने का निर्देश दिया। इसकी योजना बनाने की जिम्मेदारी सीडीओ को सौंपी।
इसके तहत मॉडल के तौर पर हर ब्लाक में तीन-तीन विद्यालय चुने जाएंगे। इनमें सुविधाएं बढ़ाने के साथ नियमित तौर पर अफसरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें डीएम, एसएसपी तथा अन्य अफसर भी शामिल होंगे। क्या और कैसे पढ़ाना है यह अफसर तय करेंगे। सीडीओ का कहना है कि अफसर स्कूल में पढ़ाने के साथ बच्चों के ज्ञान के स्तर और सुविधाओं की बाबत भी जानकारी प्राप्त करेंगे। ताकि, संबंधित विद्यालयों में जरूरत के अनुसार सुधार किया जा सके। सीडीओ ने बताया कि विद्यालयों का चयन जल्द होगा। इसके बाद अफसरों की ड्यूटी लगाकर पढ़ाई शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि यह व्यवस्था इस महीने में शुरू हो जाएगी।