अफसरों की हड़ताल की वजह से शुक्रवार को ज्यादातर बैंक शाखाओं में कोई कारोबार नहीं हुआ। कई शाखाएं खुलीं लेकिन, अफसरों तथा कर्मचारियों ने उन्हें भी बंद करा दिया। इसकी वजह से 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। वेतन संशोधन, पांच दिन का सप्ताह करने, छुट्टियों में बुलाए जाने के बजाय शिफ्ट में ड्यूटी लगाने समेत आठ बिंदुओं को लेकर आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से हड़ताल का आह्वान किया गया था। इसमें एसबीआई समेत अन्य सभी बैंकों के अफसर शामिल हुए। हड़ताल की घोषणा मात्र एक संगठन की ओर से की गई थी लेकिन उनका साथ अन्य यूनियन से जुड़े अफसरों तथा कर्मचारियों ने भी दिया। इसकी वजह से जिले की ज्यादातर शाखाएं खुली ही नहीं। सेंट्रल बैंक की सिविल लाइंस शाखा समेत कई बैंक शाखाएं खुलीं लेकिन, अफसरों ने उन्हें भी बंद करा दिया। इसकी वजह से बैंकिंग काम से पहुंचे लोगों को वापस होना।
हड़ताल के समर्थन में एसबीआई के अफसरों का मुख्य शाखा परिसर में जमावड़ा हुआ। वहीं दूसरे बैंक के अफसर संगम प्लेस स्थित पीएनबी की मुख्य शाखा के सामने जुटे। अफसरों ने सिविल लाइंस में जुलूस भी निकाला। दोनों ही जगहों पर हुई सभा में अफसरों ने मांग पूरी नहीं होने पर और मुखर आंदोलन की चेतावनी दी।
बैंकों में 26 दिसंबर को फिर हड़ताल रहेगी। इसमें अफसरों और कर्मचारियों के सभी संगठन शामिल हाेंगे। ऐसे में बैंकों में पूर्ण बंदी की आशंका है। इससे पहले 22 को महीने के चौथे शनिवार तथा 23 दिसंबर को रविवार का अवकाश रहेगा। सोमवार को बैंक खुलेंगे लेकिन इसके अगले दिन ही 25 दिसंबर की छुट्टी होगी। इस तरह से आगामी पांच दिनों में मात्र एक दिन बैंक खुलेंगे।