उत्तर प्रदेश महिला आयोग की बुधवार को हुई सुनवाई और समीक्षा बैठक में कई अफसर अनुपस्थित रहे। इस पर सदस्य अनीता सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक का प्रचार-प्रसार नहीं होने की वजह से भी वह खफा दिखीं। यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। ऐसे में उन्होंने पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजने की बात कही।
महिला आयोग की सदस्य निर्धारित समय पर सर्किट हाउस पहुंच गईं लेकिन, वहां कोई व्यवस्था नहीं थी। सर्किट हाउस में बैठक की जानकारी ही देर से पहुंची थी। सदस्य के पहुंचने के बाद आनन-फानन में बैठक की व्यवस्था की गई। इसके अलावा एडीएम प्रशासन तथा सीओ करछना पहुंचे थे लेकिन, महिला थाना से कोई नहीं उपस्थित हुआ। जिला प्रोबेशन अधिकारी भी छुट्टी पर रहे। जबकि, सुनवाई में ज्यादातर मामले महिलाओं से जुड़े थे। महिला आयोग की सदस्य ने प्रचार नहीं होने पर पिछली बैठक में भी नाराजगी जताई थी। इस बार वही स्थिति रही तथा सिर्फ 12 महिलाएं शिकायत लेकर पहुंची थीं। अनीता सिंह का कहना था कि वह पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजेंगी। उन्होंने अफसरों से कहा कि हर महीने के पहले और तीसरे बुधवार को जन सुनवाई निर्धारित है। इसका व्यापक प्रचार होना चाहिए। लोगों को समय से इसकी सूचना भी होनी चाहिए। वहीं एडीएम प्रशासन का कहना है कि वह खुद बैठक में थे। डीपीओ अवकाश पर थे। समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि भी थे। बैठक के प्रचार-प्रसार को लेकर सदस्य की कुछ नाराजगी थी। उसे देखा जाएगा।
उधर, सुनवाई में दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा के प्रकरण आए। कीडगंज की आरती कनौजिया, करेली की ममता तिवारी ने दहेज उत्पीड़न एवं मानसिक प्रताड़ना की शिकायत की। अलीगंज की जुबैदा खातून ने अवैध कब्जा की शिकायत की। थरवई की वीणा देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले घर पर दूसरों का कब्जा होने की शिकायत की। थरवई की सुमन देवी ने दबंगों पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की। सदस्य अनीता सिंह ने संबंधित अफसरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।