फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑफर के फेर में ढीली करा रहे जेब

Wed, 24 Feb 2016 12:19 AM IST
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अगर आप बहुमंजिला अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं, इसके लिए बहुत सोच-समझ कर निवेश करें, क्योंकि वर्तमान सरकार की नीतियों, निर्माण सामग्री के दामों में गिरावट, ब्याज दरों में कटौती के कारण फ्लैटों की कीमत में गिरावट आई है लेकिन रियल इस्टेट से जुड़ी कंपनियां, बिल्डर्स कीमत कम करने के बजाए लुभावने ऑफर दे रहे हैं। कोई तीन बेडरूम सेट बुक कराने पर अमेरिका, लंदन, आस्ट्रेलिया टूर का पैकेज दे रहा है तो कई कंपनी और बिल्डर्स दो-तीन बेडरूम सेट की बुकिंग पर दुबई, शारजाह जैसे शहरों में घूमने का ऑफर के अलावा कार, फर्नीस्ड फ्लैट उपलब्ध कराने का ऑफर भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन

ज्यादातर लोग प्रॉपटी में निवेश को भविष्य सुरक्षित करने के लिए सबसे अच्छा तरीका मानते हैं। पिछले 10-12 वर्ष में इसका असर भी दिखा, जब लोगों ने प्रॉपटी में निवेश कर मोटी कमाई भी की लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। निर्माण सामग्री में सरिया, सीमेंट की गिरती कीमत के बीच बहुमंजिला अपार्टमेंट बनाने की लागत काफी कम हुई है। इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, नोएडा, गजियाबाद, मथुरा आदि में निजी कंस्ट्रक्शन कंपनियों और बिल्डरों के जो बड़ी आवासीय योजनाओं के प्रोजेक्ट पहले से चल रहे हैं, वहां दो और तीन बेडरूम के फ्लैटों की कीमत आज भी 60-70 लाख से 1.25 करोड़, 1.50 करोड़ के आसपास है।
वर्तमान में इलाहाबाद, लखनऊ, मथुरा, नोएडा आदि में निजी बहुमंजिला अपाटमेंट्स में बड़ी संख्या में फ्लैट बनकर तैयार हैं लेकिन उसके लिए ग्राहक आसानी से नहीं मिल रहे हैं। हालांकि इलाहाबाद की स्थिति अन्य जिलों से कुछ ठीक है, जहां वर्तमान में तकरीबन तीन दर्जन बड़े बहुमंजिला अपार्टमेंट बन रहे हैं और उनमें फ्लैटों की कीमत 50-60 लाख लेकर 80-90 लाख रुपये तक होने के बावजूद या तो बिक चुके हैं, लोग बुकिंग करा रहे हैं लेकिन अन्य लखनऊ, नोएडा, मथुरा आदि में ऐसे फ्लैटों की बिक्री के लिए ऑफरों की भरमार है। वर्तमान परिस्थिति में एक करोड़ का फ्लैट की कीमत 80 लाख तो 60-70 लाख रुपये के बीच के फ्लैट की वर्तमान कीमत 48-56 लाख रुपये के बीच होनी चाहिए लेकिन ऐसा न करके रियल इस्टेट कंपनियां और बिल्डर्स ऑफर के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं।
विज्ञापन

स्टील, सीमेंट की कीमत में गिरावट, बैंक ब्याज दरों में धीरे-धीरे हो रही कटौती का फायदा आम जनता को मिलना चाहिए। ऐसी स्थिति फ्लैटों की कीमत में तकरीबन 20 फीसदी की गिरावट आनी चाहिए  लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। बल्कि रियल इस्टेट कंपनियां, बिल्डर्स फ्लैटों की कीमत नहीं कम कर रहे हैं। लोगों को विदेश घूमने का ऑफर दे रहे हैं। 
ऐसा करके भी वह भारी प्रॉविट में हैं। टूर ट्रैवेल्स एजेंसी संचालक रंजीत कुमार का कहना है कि पति-पत्नी और दो बच्चों के साथ दुबई, शारजाह या अमेरिका, लंदन, आस्ट्रेलिया घूमने में एक अनुमान के मुताबिक डेढ़ से तीन लाख रुपये खर्च होते हैं। रियल इस्टेट कंपनियां, बिल्डर्स दो-तीन बेडरूम का फ्लैट 60-70 लाख से सवा करोड़, डेढ़ करोड़ में बेचकर बदले में विदेश घूमने के लिए दो-ढाई लाख रुपये खर्च कर दे रहे हैं। ऐसा करने के बाद भी उन्हें नुकसान तो कहीं से भी नहीं है।
इलाहाबाद की बात छोड़ भी दे तो अन्य शहरों में आवासीय योजनाएं बना रही रियल इस्टेट कंपनियां और बिल्डर्स फ्लैट बुक कराने वालों को बैंक की किस्तें भी जमा करने का ऑफर दे रहे हैं। इसके तहत फ्लैट बुक कराने वाले से पूरी रकम एकमुश्त ले ली जा रही है। खरीदार इसके लिए बैंक से लोन लेता है। बदले में कंपनी, बिल्डर्स फ्लैट का कब्जा देने तक बैंक की ईएमआई जमा कर रहे हैं। मोटे मुनाफे वाले इस धंधे में ऐसा करने के बाद भी कंपनियों, बिल्डरों को किसी तरह का नुकसान नहीं है।
फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोग लुभावने ऑफरों के झांसे में न आएं, क्योंकि रियल इस्टेट हर तरह से प्रॉविट का बिजनेस है। वर्तमान में निर्माण से जुड़ी सामग्री की कीमतों में गिरावट के बावजूद फ्लैटों की कीमतें कम करने के बजाए विदेश भ्रमण का ऑफर दिया जा रहा है। इसके बजाए खरीदार थोड़ा दबाव बनाकर फ्लैट खरीदने में काफी रकम बचा सकते हैं। फ्लैट से ज्यादा कमाई हो सके, इसके नाम पर रियल इस्टेट कंपनियां, बिल्डर्स थोड़ी सी रकम खर्च करके लोगों को उपहार स्वरूप कार या वेल फर्नीस्ड फ्लैट उपलब्ध, विदेश घूमने का मौका दे दे रहे हैं। सुभाष जायसवाल,  बिजनेस एवं इंडस्ट्रीयल कंसल्टेंट
‘निजी आवासीय योजनाओं में फ्लैट बुक कराने के लिए ऑफर की भरमार के बीच पहले यह जानना आवश्यक है कि जो फ्लैट आप लेना चाह रहे हैं, उसकी वास्तविक कीमत क्या है, क्योंकि ऑफर के नाम पर थोड़ी सी रकम खर्च कर रियल इस्टेट कंपनियां, बिल्डर्स अपनी जेब भर रहे हैं। वैसे बाजार की जो स्थिति है, उसे देखते हुए वर्तमान में इसकी कीमत में 20 से 30 फीसदी तक की कमी होनी चाहिए।’ विवेक जायसवाल, वित्त सलाहकार
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें