जिले में बाहर से आने वाला हर कोई कोरोना पॉजिटिव हो सकता है लेकिन मुंबई से आने वालों पर विशेष ध्यान रखिए। जिले में कोरोना के पॉजिटिव आए नौ मामलों में अधिकतर मुंबई से ही रिटर्न है। यहां जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव है। उनसे उनके परिवार और संपर्क में आने वालों को कोरोना के संक्रमण का खतरा हो गया है। संपर्क में आने वाले करीब पांच सौ से अधिक लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। जबकि, शंकरगढ़ का कपारी गांव, बरौत, सैदाबाद पुरानी बाजार, कोरांव का भनुहा गांव, कौंधियारा इलाके को क्वारंटीन कर दिया गया है।
मुंबई से रिटर्न के दो मामले सबसे पहले शंकरगढ़ के कपारी गांव के दो युवक आए थे। दोनों चचेरे भाई थे। उसमें से एक के पिता की मौत हुई थी। उसी की 13वीं में हिस्सा लेने के लिए दोनों आए थे। उसके बाद शुक्रवार को पॉजिटिव आए चार मामलों में कोरांव के भनुहा गांव निवासी, बरौत के चौहान बस्ती और सैदाबाद पुरानी बाजार का युवक सभी मुंबई रिटर्न हैं। कोरांव का युवक मंबई में ही काम करता है लेकिन वह मध्यप्रदेश इंदौर होकर यहां पहुंचा था। इसके अलावा स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती प्रतापगढ़ की महिला मरीज और भदोही जिले का चालक और कोटवा में भर्ती प्रतापगढ़ जिले का एक युवक भी मुंबई रिटर्न हैं। दो दिन पहले कौंधियारा का युवक भी नासिक गया हुआ था। उसे भी कोरोना वायरस ने वहीं चपेट में लिया है। इन लोगों में कोराना पॉजिटिव होने से मंबई से आने वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगाह रखी है।
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ0 ऋषि सहाय कहते हैं कि मुंबई के कोरोना के ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहां वायरस का प्रकोप अधिक है। लोग संपर्क में आकर वायरस का शिकार हो रहे हैं। इसलिए यहां मुंबई से आने वाले लोगों पर विशेष निगाह रखी जा रही है। शहर के साथ जिले भर में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर्स पर भी क्वारंटीन लोगों में मुंबई से आने वालों की संख्या ज्यादा है। उन लोगों पर विशेष निगाह रखी जा रही है।
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी डॉक्टर युगांतर पांडेय कहते हैं कि बचाव इसी में है कि जो जहां है वहीं उसे खाने-पीने की व्यवस्था कर दी जाए। उसे कहीं जाने न दिए जाए। अगर लोगों की आवाजाही बढ़ेगी तो संक्रमण का बढ़ना तय है। जैसा कि जिले में देखने को मिल रहा है।