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Prayagraj : इनर रिंग रोड के पैकेज वन में भूमि अधिग्रहण की अड़चन, नहीं मिल पा रही छह हेक्टेयर भूमि

Thu, 22 Jan 2026 03:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इनर रिंग रोड के पहले चरण के पैकेज वन में भूमि अधिग्रहण का पेच फंस गया है जिससे कार्य में विलंब हो रहा है। कुल 56 हेक्टेयर में से छह हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी शेष है।
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प्रयागराज इनर रिंग रोड। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इनर रिंग रोड के पहले चरण के पैकेज वन में भूमि अधिग्रहण का पेच फंस गया है जिससे कार्य में विलंब हो रहा है। कुल 56 हेक्टेयर में से छह हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी शेष है। यह भूमि फूलपुर के अंतर्गत आने वाले अमिलिया और पालपुर में है। इसका अधिग्रहण एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

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पैकेज वन में प्रयागराज के कोखराज-हंडिया बाईपास (एनएच-19) से रिंग रोड को जोड़ा जाना है। इसमें सहसों टोल प्लाजा से नीबी कलां उपरहार तक लगभग 14.98 किमी की फोर-लेन सड़क का निर्माण होना है जिसमें एनएच-19 से जुड़ने वाले घुमावदार मार्ग का निर्माण भी शामिल है। नवंबर 2025 तक इस पैकेज का काम पूरा होना था लेकिन भूमि अधिग्रहण का मसला शुरू से इनर रिंग रोड परियोजना के लिए परेशानी का कारण रहा है।

पैकेज वन में कुल 16 गावों की 56 हेक्टेयर भूमि करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से अधिग्रहीत की जानी है। इनमें फूलपुर के अमिलिया और पालपुर की छह हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण शेष रह गया है। फिलहाल पैकेज वन के तहत टेंडर की प्रक्रिया का काम पूरा हो चुका है।

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इतना काम हुआ पूरा

पैकेज तीन : रीवा रोड (मिर्जापुर रोड) से एसनएच-2 (सहसों बाईपास) तक सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें लवायन कला से सहसों बाईपास तक लगभग 29.466 किमी का की सड़क का काम शामिल है। इनमें कई अंडरपास और फ्लाईओवर भी शामिल हैं।

पैकेज दो : नैनी और झूंसी को जोड़ने वाले छह लेन पुल और उससे जुड़ी सड़क का निर्माण किया जाना है। गंगा नदी पर बनने वाले लगभग 3.2 किमी लंबे पुल का निर्माण करीब 50 फीसदी पूरा हो चुका है।

परियोजना का उद्देश्य

शहर के अंदर भारी ट्रैफिक को रिंग रोड पर डायवर्ट करना। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से आने-जाने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना निकलने की सुविधा देना।

पैकेज वन के तहत भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। करीब 50 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। वहीं, पालपुर व अमिलिया गांव में भी जल्द भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल, टेंडर प्रक्रिया का काम पूरा हो चुका है। - एसके सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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