obc candidates are not exempted from application fee
इविवि की प्रवेश परीक्षा में ओबीसी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में छूट प्रदान किए जाने संबंधी पूर्व छात्र की मांग को इविवि प्रशासन ने खारिज कर दिया है। पूर्व छात्र ने इस मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से भी गुहार लगाई थी और आयोग ने इविवि प्रशासन को पत्र जारी कर मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी। इविवि प्रशासन की ओर से आयोग को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार ओबीसी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में छूट नहीं दी जा सकती है।
पूर्व छत्र राघवेंद्र यादव ने दावा किया था कि जेएनयू, हैदराबाद विवि समेत कई उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में छूट दी जाती है। इसके साथ ही यूजीसी नेट में भी ओबीसी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में छूट मिलती है। इसी आधार पर राघवेंद्र ने इविवि को पत्र भेजकर ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए राहत की मांग की थी, लेकिन इविवि प्रशासन ने उसे अनसुना कर दिया। इस पर राघवेंद्र ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग में आयोग अपनी शिकायत दर्ज कराई।
राघवेंद्र ने यह भी कहा कि ओबीसी वर्ग के लिए बनी संसदीय समिति ने अपनी चौथी एवं आठवीं रिपोर्ट में ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए यह व्यवस्था की है और यूजीसी एवं एमएचआरडी को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके बावजूद बहुत से विश्वविद्यालय ओबीसी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में छूट नहीं दे रहे हैं और इनमें इविवि भी शामिल है।
राघवेंद्र यादव शिकायत पर आयोग ने इविवि प्रशासन को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि मामले में तत्काल उचित कार्रवाई करें और एक्शन टेकन रिपोर्ट आयोग को भेजें। इसके बाद इविवि प्रशासन ने पांच सदस्यीय एक कमेटी का गठन कर दी। इस कमेटी में डीन कॉलेज डेवलपमेंट प्रो. प्रशांत अग्रवाल, डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, लीगल सेल इंचार्ज राजीव सिंह एवं डिप्टी रजिस्ट्रार राजीव गुप्ता को शामिल किया गया। कमेटी ने पाया कि आवेदन शुल्क में ओबीसी अभ्यर्थियों को छूट दिए जाने संबंधी राघवेंद्र की मांग विधिक रूप से गलत है। इविवि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोर्ट से संबंधित कुछ आदेशों का हवाला देते हुए रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है। ऐसे में इविवि में अब ओबीसी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में छूट नहीं मिल सकेगी। उधर, पूर्व छात्र राघवेंद्र यादव इविवि प्रशासन के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मामले में वह फिर से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे।