भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर संगमनगरी पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार की शाम बेरोजगारी और गरीबी के लिए पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से जहां दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को दरकिनार कर फिल्मी सितारों को तरजीह देने का आरोप लगाया, वहीं पेपर लीक मामले में भी सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने जाति जनगणना को देश का एक्सरे और गरीबों का हथियार बताया। साथ ही दलितों- पिछड़ों और आदिवासियों की 73 फीसदी आबादी को उनकी बड़ी ताकत बताते हुए बदलाव के लिए एकजुट होने का आह्वान भी किया।
लक्ष्मी टॉकीज चौराहे पर कांग्रेस नेता ने युवाओं-बेरोजगारों से उनकी पीड़ा साझा की। कहा कि जाति जनगणना आपका हथियार है। आपको पता लगाना है कि आपकी आबादी कितनी है और यह भी पता लगाना है कि देश के धन पर आपकी कितनी हिस्सेदारी है।
उन्होंने नारेबाजी कर रहे युवाओं से पूछा कि इस देश में 73 प्रतिशत जातियों के पास कितना धन है? यह जाति जनगणना के एक्सरे से पता लग जाएगा। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। भारत जोड़ो न्याय यात्रा यहां से तेलियरगंज, फाफामऊ, होलागढ़ होते हुए मऊआइमा पहुंची। खुली जीप पर निकली इस यात्रा में राहुल के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह सवार थे।
एक छात्र से पूछा- आप कौन-से वर्ग से हैं
यात्रा के दौरान राहुल ने भीड़ से एक छात्र को अपने पास बुलाकर पूछा, आप कौन से वर्ग से हैं। उसने जवाब दिया कि वह ओबीसी वर्ग से है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि देश में ओबीसी वर्ग 50, दलित वर्ग 15 और आदिवासी वर्ग आठ प्रतिशत है। कहा कि आपकी इतनी बड़ी ताकत के बावजूद हिंदुस्तान में शीर्ष 200 कंपनियों में से एक कंपनी का भी मालिक ओबीसी, दलित नहीं है। देश के सबसे बड़े 90 आईएएस अधिकारियों की सूची में महज तीन लोग आपके वर्ग से हैं। मीडिया में आपका एक भी आदमी नहीं है।
आपको आगे बढ़ने से रोकने का तरीका है पेपर लीक
जनसभा के दौरान कई छात्र आरओ/ एआरओ परीक्षा के पेपर लीक की तख्ती लिए खड़े थे। इस पर राहुल गांधी ने कहा, पेपर लीक करना आपको आगे बढ़ने से रोकने का तरीका है।
अदाणी-अंबानी पर साधा निशाना
देश के शीर्ष उद्योगपतियों गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि ये लोग (भाजपा) कभी किसानों का कर्ज माफ नहीं करते। लेकिन, यही लोग 10-15 उद्योगपतियों का 14 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है। अंबानी, अडानी लाखों करोड़ रुपये का बैंक कर्ज मांगते हैं और सेकेंडों में उनको मिल जाता है, लेकिन आप शिक्षा के लिए कर्ज लेने जाएंगे तो बैंकों से भगा दिया जाता है।