एसएससी मध्यक्षेत्र यानी और यूपी और बिहार के आंकड़े इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि बेटियों में वर्दी पहनकर देश को आंतरिक सुरक्षा और बाहरी खतरों से बचाने का जज्बा कम नहीं है। सेंट्रल आर्म्ड पैरामिलिट्री फोर्सेस (सीएपीएफ) में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी-जीडी) भर्ती के लिए दोनों राज्यों में लड़कियों के आवेदन की संख्या बढ़ी है।
बेटियों को भी वर्दी का रुतबा भा रहा है। बेटियां अब किसी भी मोर्चे पर जाने को तैयार हैं। सेना के साथ अर्द्धसैनिक बलों में भी जाने का रुझान बढ़ा है। कर्मचारी चयन आयोग की पैरामिलिट्री फोर्सेस यानी अर्द्धसैनिक बलों में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पिछले सालों की तुलना में आवेदन की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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एसएससी मध्यक्षेत्र यानी और यूपी और बिहार के आंकड़े इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि बेटियों में वर्दी पहनकर देश को आंतरिक सुरक्षा और बाहरी खतरों से बचाने का जज्बा कम नहीं है। सेंट्रल आर्म्ड पैरामिलिट्री फोर्सेस (सीएपीएफ) में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी-जीडी) भर्ती के लिए दोनों राज्यों में लड़कियों के आवेदन की संख्या बढ़ी है।
कांस्टेबल जीडी भर्ती में 2018 में जहां 2.35 लाख महिलाओं ने आवेदन किया था, वहीं 2021 में यह संख्या बढ़कर 4 .81 लाख हो गई। वहीं, सीएपीएफ में सब इंस्पेक्टर यानी उपनिरीक्षक पद के लिए 2019 में कुल 30041, 2020 में 31322 और 2022 में 34329 महिलाओं ने आवेदन किया है। पुरुषों के मुकाबले भले ही आवेदन अभी बहुत कम हैं लेकिन साल दर साल महिला अभ्यर्थियों के आवेदन की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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सीएपीएफ के जरिए इन विभागों में होती है भर्ती
कर्मचारी चयन आयोग की सीएपीएफ भर्ती के जरिए बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सशस्त्र सीमा बल, असम राइफल्स आदि में कांस्टेबल और उपनिरीक्षक भर्ती होती है।