इनमें से दो टीमों ने मेले में पहुंचकर मोर्चा भी संभाल लिया है। यह दो टीमें हेलीकॉप्टर से पहुंची हैं। अफसरों ने बताया कि एनएसजी की टीमें अपना चॉपर साथ लेकर चलती हैं। एनएसजी कमांडो की एक विशेषता यह भी है कि वह बिना हथियार के भी दुश्मन को मार गिराने में सक्षम होते हैं। मेले में तैनात होने वाले एनएसजी कमांडो एंटी ड्रोन अभियान के साथ-साथ रात में चलने वाले काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन को भी आसानी से अंजाम दे सकते हैं।
के-9 स्क्वॉड भी होगा शामिल
मेले में इस बार एनएसजी कमांडाेज का के-9 दस्ता भी तैनात होगा। अफसरों ने बताया कि यह दस्ता दोहरी विशेषता रखता है। दुश्मन पर हमला करने के साथ-साथ इस दस्ते को इंप्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस(आईईडी) का पता लगाकर उसे कुछ ही क्षणों में निष्क्रिय करने में भी महरात हासिल है। यह दस्ता विस्फोट के बाद के विश्लेषण के लिए भी विशेष रूप से प्रशिक्षित होता है।