माध्यमिक शिक्षा परिषद की 16 फरवरी से होने वाली बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मंगलवार को पुलिस विभाग के आलाधिकारियों के साथ बोर्ड अधिकारियों की बैठक में परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था को बाधित करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने का निर्णय लिया गया है।
बोर्ड परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बैठक केे दौरान सभी जिलाधिकारियों की तरफ से परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच करने का भी निर्देश दिया गया है। एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि इनपुट के आधार पर ऐसे लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले व्यक्तियों पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा एसटीएफ से समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए, जो नकल कराने की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं।
केंद्रों पर परीक्षा के 15 मिनट पूर्व प्रश्न पत्र खोलते समय स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और बाह्य केंद्र व्यवस्थापक का रहना अनिवार्य रहेगा। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक पुलिस व्यवस्था के लिए सभी जिलों के डीएम और पुलिस अधीक्षक निर्देशित करेंगे।
परीक्षा के दौरान किसी भी व्यक्ति की तरफ से अनावश्यक रूप से भ्रामक सोशल मीडिया पर फैलाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी सुसंगत कार्रवाई की जाएगी। प्रश्न पत्र का पैकेट सीसीटीवी की निगरानी में खोले जाएंगे। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी केंद्रों की निगरानी की जाएगी। बैठक में एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश, डीजी स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद, विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा डॉ. रूपेश कुमार, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. महेंद्र देव, सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल आदि मौजूद रहे।