इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शाहजहांपुर, सदर बाजार के अभयराज गुप्ता की रासुका में नजरबंदी की वैधता की चुनौती याचिका पर राज्य सरकार व पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई 5 जुलाई को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति एमएन भंडारी तथा न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस मिश्र व चंद्रकेश मिश्र की बहस सुनकर दिया है। इनका कहना है कि मारपीट व हत्या के आरोप में याची को गिरफ्तार रासुका के तहत बरेली जिला जेल में नजरबंद किया गया है। आदेश मनमानापूर्ण व विधि विरुद्ध है। याची के प्रतिवेदन को निर्णीत करने में देरी की गई है। सभी तीनों आपराधिक मामलों में याची को जमानत मिल चुकी है। घटना के दिन वह विदेश में था। उसे झूठा फंसाया गया है। एफआईआर में वह नामजद भी नही है और 23 दिसंबर से जेल में बंद है। संवाद