पोस्टमार्टम व्यवस्था में पहली बार बड़ा बदलाव किया गया है। अब पोस्टमार्टम हाउस में महिला डॉक्टरों की बाकायदा ड्यूटी लगाई जाएगी। यह नई व्यवस्था एक अगस्त से लागू होगी। इससे महिला मृतकों से जुड़े मामलों में अधिक संवेदनशील, न्यायसंगत और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सकेगी।
पोस्टमार्टम व्यवस्था में पहली बार बड़ा बदलाव किया गया है। अब पोस्टमार्टम हाउस में महिला डॉक्टरों की बाकायदा ड्यूटी लगाई जाएगी। यह नई व्यवस्था एक अगस्त से लागू होगी। इससे महिला मृतकों से जुड़े मामलों में अधिक संवेदनशील, न्यायसंगत और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सकेगी।
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अब तक सिर्फ पुरुष डॉक्टर ही पोस्टमार्टम करते थे और सूर्यास्त के बाद किसी भी शव का पोस्टमार्टम डीएम की अनुमति के बिना नहीं हो सकता था। अब दहेज हत्या और महिलाओं की संदिग्ध मौत जिनमें यौन हिंसा की आशंका हो, ऐसे मामलों को छोड़कर बाकी सभी शवों का रात में भी पोस्टमार्टम होगा और इसके लिए डीएम की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
खास बात यह है कि रात में होने वाले सभी पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी और डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में होंगे। पोस्टमार्टम हाउस के अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि जिले की सीएचसी और पीएचसी में तैनात महिला डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार हो चुका है।
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उन्होंने बताया कि दहेज हत्या, दुष्कर्म की आशंका या महिला की संदिग्ध मौत जैसे संवेदनशील मामलों में महिला डॉक्टर की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी और ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम दिन में ही किया जाएगा। उन्होंने कहा, इस नई व्यवस्था से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।