अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में भी इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के तहत चार वर्षीय बीए-बीएड की पढ़ाई होगी। शिक्षाशास्त्र विभाग के अंतर्गत 50 सीटों के लिए नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) से मान्यता मिली है। अगले सत्र से बीए-बीएड कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध केपी ट्रेनिंग कॉलेज में बीएड की पढ़ाई होती है। इविवि के अलावा सीएमपी डिग्री कॉलेज और एसएस खन्ना महिला विद्यालय में भी चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम के तहत बीए-बीएड की पढ़ाई होगी। इसके तहत स्नातक के साथ बीएड की डिग्री मिलेगी। आगामी सत्र से 50 सीटों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से प्रवेश लिए जाएंगे।
सीएमपी में बीए-बीएड कोर्स के लिए भेजा प्रस्ताव
- सीएमपी डिग्री कॉलेज ने चार वर्षीय बीए-बीएड की पढ़ाई के लिए एनसीटीई को प्रस्ताव भेजा है। इसकी पढ़ाई शिक्षा शास्त्र विभाग के अंतर्गत होगी। कॉलेज प्रशासन के प्रस्ताव पर एनसीटीई ने कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगा है। कॉलेज प्रशासन की ओर से जवाब भेजा जा रहा है। इसके बाद इस कोर्स के लिए एनसीटीई की अनुमति मिलने की उम्मीद है। प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने बताया कि एनसीटीई की अनुमति मिलने के बाद आगामी सत्र से ही पढ़ाई शुरू करने की योजना है।
प्रवक्ता भर्ती में भी बीएड हो गया है अनिवार्य
- माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापक बनने के लिए बीएड अनिवार्य है। अब तो राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद के लिए भी बीएड अनिवार्य कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें परास्नातक के साथ बीएड भी अनिवार्य योग्यता है। ऐसे में बीएड की मांग लगातार बनी हुई है।