इस रिकॉर्डिंग से छापेमारी के दौरान विजलेंस टीम के साथ हो रही सभी घटनाओं के साक्ष्य एकत्रित हो जाएंगे। कैमरे की नजर में हो रही छापेमारी से उपभोक्ताओं के मन में तो भय पैदा ही होगा, साथ ही भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। जानकारी के मुताबिक विजलेंस की टीम को जल्द ही यह बॉडी वार्न कैमरे मिल जाएगा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से जल्द ही यह कैमरे भेजे जाएंगे।
कहा जा रहा है कि कैमरे पूरी तरह से आधूनिक होंगे। यह आठ घंटे का बैटरी बैकअप देगा, ताकि रिकॉर्डिंग में किसी तरह की समस्या न आए। छापेमारी की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी को रिकार्ड के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। मुख्य अभियंता पीके सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के रहने से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।