तमाम खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जो ग्रुप डी में भर्ती तो हुए थे, लेकिन बाद में अपनी योग्यता के हिसाब से वह ग्रुप सी से होते हुए ग्रुप बी तक भी पहुंचे। उत्तर मध्य रेलवे की बात करें तो यहां सालाना 25 खिलाड़ियों की खेल कोटे के तहत नियुक्ति होती है। ओलंपियन एवं हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर, निशा वारसी आदि की स्पोर्ट्स कोटे के तहत ही रेलवे में नौकरी लगी, जो अपने खेल के दम पर अब गजटेड अफसर बन चुकी हैं।
उधर, बोर्ड द्वारा जारी किए गए पत्र के हिसाब से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की तैनाती ग्रुप डी के लेवल वन ग्रेड पे 1800 में होगी। खास बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली सी श्रेणी की चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी भी भर्ती प्रक्रिया में शिरकत कर सकेंगे। इसके अलावा सीनियर लेवल की नेशनल मैराथन और क्रास कंट्री रेस में आठवें स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी भी ग्रुप डी में भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही सीनियर वर्ग में बैडमिंटन, टेनिस, टेबिल टेनिस खेलने वाले राष्ट्रीय खिलाड़ियों को रेलवे अवसर देगा।
रेलवे बोर्ड ने 1800 ग्रेड पे में स्पोर्ट्स कोटे के तहत खिलाड़ियों की नियुक्ति करने को कहा है। एनसीआर में भी रेलवे बोर्ड के आदेश का पालन होगा। इससे कम शैक्षिक योग्यता वाले खिलाड़ी भी नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, एनसीआर।