रेलवे की नई समय सारिणी अब अक्तूबर के बजाय एक जुलाई से ही लागू होगी। उत्तर मध्य रेलवे समेत तमाम जोनल रेलवे ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। बीते कुछ वर्षों के दौरान यह अगस्त या अक्तूबर से लागू हो रही थी। इसके पूर्व 2014 में समय सारिणी जुलाई में लागू हुई थी।
इस बार इसमें काफी बदलाव भी देखने को मिल सकता है। प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, आगरा कैंट, झांसी, प्रयागराज छिवकी, मथुरा, ग्वालियर, अलीगढ़ आने वाली तमाम ट्रेनों के समय में पांच से 30 मिनट तक का अंतर आ सकता है। कुछ ट्रेनें अपने गंतव्य स्टेशन तक पहुंचने में पहले से कम वक्त भी लेंगी। बीते कुछ दिनों से रेलवे बोर्ड के साथ-साथ जोनल और डिवीजन स्तर के अधिकारी ट्रेनों के समय का मूल्यांकन कर रहे हैं। परिचालन टाइमटेबल का मूल्यांकन एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद एनसीआर समेत तमाम जोनल रेलवे टाइमटेबल के संबंध में रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद बोर्ड उसे अंतिम रूप देगा।
पूर्व में रेलवे की नई समय सारिणी एक जुलाई से ही लागू होती थी, लेकिन 2015 से इसमें बदलाव कर दिया गया। बीते नौ वर्ष के दौरान समय सारिणी अगस्त या अक्तूबर से ही लागू हुई। पिछले वर्ष अक्तूबर में समय सारिणी जारी की गई। तब समय सारिणी में उसकी अवधि अक्तूबर 23 से जून 24 दर्शायी गई थी। ऐसे में तय है कि अब नई समय सारिणी जुलाई 2024 से प्रभावी हो जाएगी। इस बार समय सारिणी में पहली बार 102 वंदे भारत ट्रेनों को शामिल किया जा रहा है। इसमें दिसंबर माह में शुरू हुई वाराणसी-नई दिल्ली एवं प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत भी शामिल है। इसके अलावा संगम एक्सप्रेस समेत जो ट्रेनें सूबेदारगंज स्टेशन में शिफ्ट हुई हैं, उसे भी समय सारिणी में शामिल किया जा रहा है। पिछले वर्ष अक्तूबर 23 से जून 23 तक शुरू हुई सभी नई ट्रेनों को भी रेलवे की समय सारिणी में शामिल किया जा रहा है।