जिला पंचायत सभागार में बुधवार को कानपुर-प्रयागराज मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी हुई। बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, दुनिया की थाली में भारत का अन्न, भारत की दालें, मसाले, फल, सब्जियां और जैविक उत्पाद दिखाई देने लगे तब समझिए कि विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है।
अब विदेशी थालियों में भी देश का अन्न सजने लगा है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में जब भी बात होती है, तो उसका मूल आधार कृषि और किसान होते हैं। मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों से पूछा, जो उत्पाद प्रयागराज, कानपुर देहात के किसान कर रहे, वह कानपुर शहर, प्रतापगढ़ और अन्य जिलों के किसान क्यों नहीं कर पा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि ऑर्गेनिक फार्मिंग, डिजिटल एग्रीकल्चर और फार्म-टू-फॉरेन पॉलिसी के तहत भारत ने कई देशों में अपने उत्पादों को पहुंचाना शुरू किया है। गेहूं, चावल, मसाले, आम, केले और सहजन जैसे उत्पाद अब विदेशी थालियों में सजने लगे हैं।
अब खेती मजबूत आर्थिक गतिविधि बन चुकी है। सरकार के प्रयासों से 725 लाख मीट्रिक टन रिकाॅर्ड खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है। किसानों से अपील है कि ढैंचा का बीज खेतों में उगाएं, हम 50 प्रतिशत हम छूट देंगे। विदेश से दाल, तेल मंगाकर खाएं तो यह हमें शोभा नहीं देता।
विकसित कृषि का अभियान आज से
कृषि मंत्री ने कहा, प्रदेश में विकसित कृषि का अभियान का शुभारंभ बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम होंगे। कृषि विज्ञान केंद्रों पर कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि कृषि विवि में जो शोध हो रहे है, उसे वैज्ञानिकों को किसानों के खेत में करने की जरूरत है।
नलकूप खराब होने की शिकायत पर अफसरों को फटकार
प्रयागराज। जिला पंचायत सभागार में किसानों ने कहा कि प्रयागराज ऐसा जिला है जहां 40 फीसदी नलकूप खराब हैं। इसके जवाब में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तरह-तरह के कारण बताने लगे तो कृषि मंत्री नाराज हो गए। फटकार लगाते हुए मंत्री ने कहा, कहानी नहीं बताएं, कैसे ठीक होगा, इसका विकल्प बताएं। नलकूप एक सप्ताह में ठीक कराएं। कृषि मंत्री ने कानपुर, प्रयागराज मंडल के सभी सीडीओ को कहा कि अपने यहां खराब नलकूप को ठीक कराएं। ब्यूरो
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प्रदेश में पहली बार सुर्खियों में आया हरी उरद के बीज का मामला
प्रयागराज। हरी उरद के बीज की मांग गोष्ठी में कई किसानों ने की तो कृषि निदेशक जितेंद्र तोमर ने कहा, प्रदेश में पहली बार प्रयागराज में इसके बीज की मांग उठी है। इसका इंतजाम किया जाएगा। दोनों मंडलों के अधिकारी दलहन और तिलहन का क्षेत्र बढ़ाएं। मक्का का आच्छादन बढ़ाने का प्रयास करें। प्रयागराज और कानपुर में प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जा रही है। हरी उरद पर राज्य सरकार अनुदान उपलब्ध करा रही है। ब्यूरो
जानवरों और आवारा पशुओं से फसलों को हो रहा नुकसान
गोष्ठी में किसानों ने अपनी समस्याओं भी उठाईं। साथ ही अधिकारियों ने भी कहा कि जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं से फसलों को नुकसान हो रहा है। इसका इंतजाम कराया जाना चाहिए। इसके अलावा सिंचाई और बिजली आदि के मामले भी उठाए गए।
इटावा के जिला विकास अधिकारी ने कहा, जिले में आवारा पशुओं की वजह से किसानों का नुकसान हो रहा है। कानपुर, किशनपुर के किसान आशीष कुमार ने कहा, आवारा पशुओं की वजह से दिक्कत है।
कानपुर देहात के मुनेश अवस्थी, इटावा के अजनेंद्र प्रताप सिंह ने भी पशुओं का मुद्दा उठाया। साथ ही आधे एकड़ में प्राकृतिक खेती का एक मॉडल के बारे में जानकारी दी।
औरैया के सुधर सिंह ने सिंचाई का साधन नहीं होने की बात कही, शशिकांत ने मक्का का यूनिट लगाने की मांग की। महाबली पुरवा के संजय कटिहार, फर्रुखाबाद के नरेश सिंह राजपूत ने जैविक खेती के बारे में जानकारी दी।
राजपुर के जवाहर लाल ने बताया कि 25 प्रकार के फलों को उगाने की खेती करते हैं। फूलपुर के उमेश पटेल ने कहा, वह सब्जी उगाकर विदेशों को सप्लाई करते हैं। कौशाम्बी के राम अभिलाष मौर्य, प्रतापगढ़ के राघवेंद्र प्रताप सिंह ने केला की खेती कर कैसे आत्मनिर्भर बने जानकारी दी। फतेहपुर के भानु प्रताप सिंह ने किसानों से सफेद जामुन के पेड़ का रोपण करने की सलाह दी।
बोले अफसर, यमुना में कम हो गया पानी, इसलिए बंद है पंप
अधिशासी अभियंता सिंचाई रमेश सिंह ने बताया, प्रयागराज में यमुना का पानी जब भी कम होता है तो पंप कैनाल बंद हो जाता है। पानी नीचे चले जाने पर पंप नहीं चल पाते हैं। अपर पशु निदेशक ने कहा कि कानपुर मंडल में 576 गोशालाएं हैं। इसमें छुट्टा पशुओं को रखने का प्रयास जारी है। उद्यान विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आलू की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर अनुदान दिया जाएगा। कोल्ड रूम पर 35 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।