संगम पर सैर करने वालों से नाविक अब मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे। प्रशासन ने कंप्यूटर से नौकाएं बुक किए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए संगम पर काउंटर भी बनाए जाएंगे। इस बाबत डीएम संजय कुमार ने सोमवार को संबंधित अफसरों के साथ बैठक की और व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीएम ने इसके लिए सभी नौकाओं का 30 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।
डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 अप्रैल के बाद संगम पर बिना रजिस्ट्रेशन के कोई नाव नहीं चलेगी। साथ ही कहा कि नाव की कंप्यूटर से बुकिंग के लिए 30 तक सभीकाउंटर भी स्थापित कर दिए जाएं। सभी नौकाओं पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित किया जाए और उनकी कोडिंग की जाए। नाव में सवारियों की क्षमता का भी उल्लेख किया जाए। थमता के अनुसार नाव में लाइफजैकेट रखना भी अनिवार्य होगा। किराये के निर्धारण के एक समिति बनाने को कहा गया, जिसमें प्रशासनिक अफसरों के साथ नाविक संघ के लोग भी शामिल होंगे। सवारियों से लिए जाने वाला किराया तीन भागों में बांटा जाएगा।
एक हिस्सा नाविकों के भुगतान के लिए होगा, दूसरा प्रशासनिक व्यवस्थाओं के खर्च के लिए और तीसरा हिस्सा नाविकों के कल्याण के लिए स्थापित किए जाने वाले कोष में जमा होगा। नौकाओं की बुकिंग के लिए दो काउंटर खोल जाएंगे। पहला काउंट पुलिस चौकी और दूसरा जल पुलिस चौकी के पास होगा। रोटेशन के आधार पर क्रमवार नाव की बुकिंग होगी। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट राम भरत तिवारी, एडीएम प्रशासन रामनेवास गुप्ता, एडीएम नजूल ओपी श्रीवास्तव, एसपी सिटी राजेश यादव, एडीएम सचिव वंदना त्रिपाठी, सीटीओ अवनीश चंद्र द्विवेदी आदि मौजूद रहे।