इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में स्थायी कुलपति की नियुक्ति अब अगले सत्र में ही हो सकेगी। कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर इविवि कार्य परिषद की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जा चुकी है। इविवि में सभी काम ठप हो गए हैं और सर्च कमेटी के सदस्य मनोनीत किए गए प्रो. खेत्रपाल के नाम पर हुआ विवाद भी अब तक थमा नहीं है। ऐसे में नए कुलपति की चयन प्रक्रिया पूरी होने में अभी काफी वक्त लग सकता है।
इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के इस्तीफे के बाद ढाई माह से विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति के भरोसे कामकाज चल रहा है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पहले ही पत्र जारी किया जा चुका है कि कार्यवाहक कुलपति कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं। वह केवल रुटीन के काम करेंगे। ऐसे में इविवि में नए कुलपति की नियुक्ति होने तक तमाम महत्वपूर्ण काम ठप रहेंगे, जो नीतिगत निर्णय पर आधारित हैं। इविवि कार्य परिषद की पिछली बैठक में सर्च कमेटी के लिए दो सदस्यों को मनोनीत कर लिया गया था, जिनमें प्रो. सीएल खेत्रपाल और प्रो. गौतम सेन के नाम शामिल हैं।
हालांकि सदस्यों के मनोनयन के बाद नया विवाद खड़ा हो गया और मंत्रालय को पत्र जारी कर कहना पड़ा कि प्रो. खेत्रपाल की जगह किसी दूसरे को सर्च कमेटी का सदस्य बनाया जाए। वहीं, मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद इविवि प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया था कि प्रो. खेत्रपाल का चयन नियमों के तहत किया गया था जबकि मंत्रालय का कहना है कि कार्य परिषद की अगली बैठक में प्रो. खेत्रपाल की जगह कोई नया सदस्य चुना जाए। कार्य परिषद की 16 मार्च को प्रस्तावित बैठक कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जा चुकी है।
प्रो. खेत्रपाल के नाम पर चल रहे विवाद को लेकर इविवि प्रशासन का क्या रुख होता है, यह कार्य परिषद की अगली बैठक में ही स्पष्ट होगा और बैठक कम से कम अगले पंद्रह दिनों तक होने की कोई गुंजाइश नहीं। सर्च कमेटी का विवाद दूर होने के बाद ही कुलपति के लिए आवेदनों की स्क्रूटनी शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया में भी काफी वक्त लगेगा। इसके बाद आठ से दस आवेदन छांटकर अलग कर लिए जाएंगे और फिर इन आवेदनकर्ताओं से सर्च कमेटी के सदस्य संवाद करेंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुलपति पद के लिए तीन से पांच नाम विजिटर को भेजे जाएंगे और वहां से इसके लिए अंतिम मंजूरी मिलेगी। यह प्रक्रिया अब अगले सत्र में ही पूरी होने की उम्मीद है।