प्रयागराज। मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) एक अभिनव प्रयोग करने जा रहा है। संस्थान अब इंजीनियरिंग के साथ-साथ कानून की भी पढ़ाई कराएगा। इसके लिए एलएलबी का तीन वर्षीय कोर्स शुरू किया जाएगा। यह कोर्स सिर्फ बीटेक पास कर चुके छात्रों के लिए होगा और शुरुआत 30 सीटों से होगी। संस्थान ने यह निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर के सुझाव पर लिया है।
इस बात की घोषणा संस्थान के निदेशक ने एमएमएनआईटी के हीरक जयंती समारोह में की। सोमवार को संस्थान अपनी स्थापना के 60वें वर्ष में प्रवेश कर गया। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने बताया कि संस्थान अब लीगल इंजीनियर भी तैयार करेगा। प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि कुछ दिनों पहले हीरक जयंती समारोह के लिए जब मुख्य न्यायाधीश को आमंत्रित करने गए थे, तब उन्होंने यह सुझाव रखा था। निदेशक ने लौटकर संस्थान के लोगों से चर्चा की और सभी को यह सुझाव पसंद आया। निदेशक ने कहा कि जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अभी देश में किसी भी एनआईटी में एलएलबी का पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया जाता है, ऐसे में एमएमएनआईटी विधि की पढ़ाई शुरू करने वाला पहला संस्थान होगा।
विधि के क्षेत्र को टेक्नोक्रेट्स की जरूरत
मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने कहा कि अमूमन अधिवक्ताओं को सोशल इंजीनियर माना जाता है, लेकिन अब विधि के क्षेत्र में लीगल इंजीनियरों की भी जरूरत है और यह जरूरत टेक्नोक्रेट्स पूरी कर सकते हैं। विधि के जानकार टेक्नोक्रेट्स की इंश्योरेंस, आईटी, ऑर्बिटेशन समेत कई क्षेत्रों में जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में उत्पादन की सबसे प्रमुख भूमिका होती है और टेक्नोक्रेट्स से बड़ा उत्पादनकर्ता कोई नहीं है।