Allahabad High Court : धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए मुख्तार अंसारी के बेटे और विधायक अब्बास अंसारी के भाई उमर अंसारी की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई। सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता ने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह की मोहलत देने का आग्रह किया। मामले की सुनवाई अब 22 सितंबर को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ के विधायक अब्बास अंसारी के भाई उमर अंसारी की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है। सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता की अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई को टाल दी। मामले की सुनवाई अब 22 सितंबर को होगी।
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सोमवार को न्यायमूर्ति समीर जैन की कोर्ट में उमर की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। उमर के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने दलील दी की पुलिस ने दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस अपनी शक्तियों का दुरुपयोग है। बिना किसी साक्ष्य के पुलिस ने स्वयं एफआईआर दर्ज की है। उमर के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई भी साक्ष्य नहीं है।
उमर को जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, राज्य की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दलील दी कि दर्ज मुकदमे में अभी विवेचना चल रही है। विवेचना में क्या-क्या साक्ष्य आया है। यह प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय देने की कोर्ट से प्रार्थना की। राज्य की प्रार्थना पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तिथि 22 सितंबर नियत कर दिए।
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यह है मामला
गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में उमर पर मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने गैंगस्टर एक्ट में जब्त जमीन को कोर्ट से छुड़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज और मां के हस्ताक्षर किए हैं। पुलिस ने उमर को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। उमर ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।