गुजरात में पटेलों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा करके मात्र 22 साल की उम्र में देश की राजनीति में अचानक सुर्खियों में आए हार्दिक पटेल ने अब उत्तर प्रदेश की ओर रुख किया है। राजनीति विस्तार के मकसद से हार्दिक रविवार को इलाहाबाद में थे। बहाना बना पटेलों के नेता रहे डॉ. सोनेलाल पटेल का जन्म दिन। सोनेलाल की विरासत को लेकर अपनी ही बेटी अनुप्रिया पटेल से मिल रही चुनौतियों का सामना कर रहीं पत्नी कृष्णा और बड़ी बेटी पल्लवी पटेल ने हार्दिक को प्रदेश में अपना दल का मंच प्रदान किया। यह सियासी गठबंधन सहसों में हुए कार्यक्रम में जिस समय प्रदेश में एक सशक्त राजनीतिक विकल्प का दावा पेश कर रहा था उसी समय वाराणसी में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अनुप्रिया भी पटेलों की नेता बनने की दावेदारी को मजबूत कर रही थीं। ऐसे में हार्दिक और कृष्णा पटेल के मंच साझा करने को लेकर राजनीतिक गलियारे में हलचल और बढ़ गई है।
मेडिकल कॉलेज के पास एक निजी होटल में कृष्णा और पल्लवी की मौजूदगी में मीडिया से रूबरू पटेल नव निर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक ने साफ किया कि स्व.सोनेलाल का परिवार अकेले नहीं है। उनके साथ पूरा समाज है। हार्दिक ने कहा कि 11 फीसदी पटेलों के हक तथा उन्हें एकजुट करने के लिए वह गांव-गांव घूमेंगे। तीन महीने में गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव है। इसके बाद वह तीन महीने उत्तर प्रदेश में रहेंगे और समाज के लोगों को जागरूक करेंगे। हार्दिक ने कहा कि पटेलों को उनका हक दिलाने के अलावा राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन तथा बेरोजगारी उनका मुख्य मुद्दा होगा। बेरोजगारी भत्ता भी उनकी मांग में शामिल होगा। गुजरात में राजनीतिक विकल्प पेश करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह खुद कोई चुनाव नहीं लड़ने जा रहे। वहां भाजपा और कांग्रेस दो ही विकल्प हैं। ‘मुझे आरक्षण चाहिए।’ इसके अलावा राष्ट्रीय किसान, बेरोजगारी मुख्य मुद्दा है। इन मुद्दों पर दोनों दलों का रुख देखकर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि गुजरात के साथ केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर हार्दिक ने जमकर हमले बोले। ऐसे में साफ था भाजपा का साथ उन्हें रास नहीं आने वाला।
हार्दिक ने नोटबंदी और जीएसटी पर केंद्र सरकार को घेरा। उनका कहना था कि सरकार सरकार के इन निर्णयों से लोग परेशान हैं। इसके अलावा सरकार अब व्यापारियों पर भी संदेश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में परिवर्तन हुआ है लेकिन सत्ता का। सामाजिक परिवर्तन नहीं हुआ है। 100 दिन में कई हत्याएं हुई हैं। सरकार ने किसानों का कर्ज माफ किया है लेकिन यह देखना होगा कि सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज माफ हुए हैं या सहकारी बैंकों के भी। उन्होंने किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग की। हार्दिक पटेल ने सुरक्षा आदि मुद्दों पर भी सरकारों को नाकाम बताया। लखनऊ से सड़क मार्ग से इलाहाबाद आए हार्दिक ने अलोपी बाग स्थित सरदार पटेल स्मारक संस्थान परिसर में बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वह सहसों पहुंचे और सभा को संबोधित किया।