गांवाें में अब कोई भी खुले में शौच नहीं करेगा। हर गांव में सामुदायिक शौचायल बनाए जाएंगे। इस पर दो लाख रुपये की लागत आएगी। यह काम आगामी वित्तीय वर्ष में पूरा हो जाएगा।
प्रयागराज को खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है। यानी, सभी घरों में शौचालय बन गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक शौचालय बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। यहां करीब 1500 गांवों में सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि इसे प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। जल्द ही काम शुरू होगा।
अब धूल-मिट्टी में नहीं बैठेंगे बच्चे, लगेगी टाइल्स
प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे अब मिट्टी की फर्श पर नहीं बैठेंगे। उनके विद्यालय के हर कमरे में टाइल्स लगेगी। कायाकल्प योजना के अंतर्गत 31 मार्च तक टाइल्ड लगाने का काम भी पूरा होना है। कायाकल्प अभियान के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों की बाउंड्री बनाई जानी है। मेज-कुर्सी, शौचालय पानी की टंकी आदि की सुविधा मुहैया कराई जानी है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। इसी के तहत शौचालय के अलावा विद्यालय के सभी कमरों में भी टाइल्स लगाए जाएंगे। विद्यालयों में मिशन कायाकल्प की शुरुआत भी हो चुकी है। डीपीआरओ का कहना है कि निर्धारित समय के भीतर सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे।