उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में दो और सदस्यों की नियुक्ति के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू होने की उम्मीद जगी है। नई नियुक्ति के बाद आयोग में कोरम पूरा हो गया है। ऐसे में आगे की प्रक्रिया शुरू करने के लिए निर्णय लिए जा सकेंगे। इसी के साथ नई भर्ती के लिए जल्द नोटिफिकेशन की भी उम्मीद जगी है।
आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर के 1652 पदों के लिए भर्ती परीक्षा कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बाद अध्यक्ष तथा तीन सदस्यों की नियुक्ति अवैध घोषित कर दी गई। ऐसे में आयोग में सिर्फ एक सदस्य रह गए थे। इसकी वजह से भर्ती प्रक्रिया तकरीबन एक साल से ठप है। हालांकि, अध्यक्ष के बाद अब दो सदस्यों की नियुक्ति होने से कोरम का संकट दूर हो गया है। एक अन्य सदस्य के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। नए सदस्यों के कार्यभार ग्रहण करने के बाद कोरम पूरा होने के साथ शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इसके अलावा आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर के दो हजार से अधिक तथा प्राचार्य के तकरीबन 50 पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की गई थी। एक हजार से अधिक पदों के लिए अधियाचन भी आयोग को मिल चुका है। ऐेसे में इन पदों के लिए भी जल्द आवेदन मांगे जाने की उम्मीद है।
भर्ती में शुचिता की होगी चुनौती
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में नए अध्यक्ष और सदस्यों के सामने भर्ती में शुचिता बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। 1652 पदों के लिए हुई परीक्षा में तकरीबन एक हजार अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट खाली छोड़ दी है। इनमें से कई ओएमआरशीट आयोग के पूर्व सदस्यों और अफसरों के रिश्तेदारों के हैं। पूर्व अध्यक्ष लाल बिहारी पांडेय ने ओएमआरशीट को स्कैन कराके सीडी भी तैयार कराई है। इसे लेकर अभ्यर्थियों का एक वर्ग दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहा है।