इलाहाबाद। गंगा आरती से अब पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। इलाहाबाद में संगम के नाम पर पर्यटन में सभावनाएं तलाश रही केंद्र सरकार ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत ही गंगा आरती को और भव्य रूप दिए जाने की तैयारी है। गंगा आरती का अध्ययन करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रोटोकॉल एवं लाइजन अफसर पूरण सिंह बिष्ट बृहस्पतिवार को इलाहाबाद पहुंचे और गंगा आरती में शामिल भी हुए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में गंगा आरती की भव्यता से वह अभिभूत है और इसे दस में से पूरे दस अंक देंगे।
प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल एवं लाइजन अफसर पूरण सिंह बिष्ट वाराणसी से यहां सिर्फ गंगा आरती में शामिल होने के लिए पहुंचे। इससे पहले उन्होंने वाराणसी में भी गंगा आरती का अध्ययन किया और बृहस्पतिवार शाम संगम पर आयोजित आरती में शामिल होकर उसकी भव्यता से रूबरू हुए। बातचीत में उन्होंने ‘अमर उजाला’ को बताया कि इलाहाबाद से हल्दिया तक जलमार्ग स्वीकृत होने के बाद संगम नगरी व्यापार का एक बड़ा केंद्र बनने जा रही है। ऐसे में यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
वह इसी मकसद से इलाहाबाद आए हैं। अध्ययन किया जा रहा है कि गंगा आरती को किस तरह से और अधिक भव्य बनाया जा सकता है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट में इसके लिए भी प्रावधान किया गया है। आरती में शामिल पूरण सिंह बिष्ट ने अपने मोबाइल फोन पर गंगा आरती का वीडियो भी बनाया। जल्द ही वह एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगे ताकि गंगा आरती के जरिये पर्यटन को बढ़ावा दिशा में काम जल्द शुरू किया जा सके।