फिरोजाबाद के टुंडला, द्वारिका पुरम कॉलोनी निवासी सियाराम 30 जून 2018 व बदायूं के पकड़ वाली गली बदायूं मोहल्ला नागरन निवासी राशिद 30 जून 2016 को रेलवे से सेवानिवृत्त हुए। इन्हें एक जुलाई को मिलने वाले वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया।
केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल प्रयागराज ने याची को एक साल का नोशनल इंक्रीमेंट (एक जुलाई को मिलने वाले वेतन वृद्धि) देने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने बदायूं के राशिद व फिरोजाबाद के सियाराम की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
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फिरोजाबाद के टुंडला, द्वारिका पुरम कॉलोनी निवासी सियाराम 30 जून 2018 व बदायूं के पकड़ वाली गली बदायूं मोहल्ला नागरन निवासी राशिद 30 जून 2016 को रेलवे से सेवानिवृत्त हुए। इन्हें एक जुलाई को मिलने वाले वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया। इस पर इन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन देकर वेतन वृद्धि व ब्याज सहित बकाया राशि भुगतान करने की मांग रखी। कोई विचार न किए जाने पर केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में वाद दाखिल किया।
याची अधिवक्ता शशिधर द्विवेदी व डीसी द्विवेदी ने न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए बहस की कि याची एक वेतन वृद्धि ब्याज सहित बकाया राशि पाने का हकदार है। केंद्र सरकार के अधिवक्ता चक्रपाणि वात्स्यायन ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इसके तहत एक साल की वेतन वृद्धि दी जाएगी। पेंशन भी इंक्रीमेंट के अनुसार बढ़कर मिलेगी, लेकिन एरियर नहीं दिया जाएगा। ट्रिब्यूनल ने पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि आवेदक एक वेतन वृद्धि व बढ़ी पेंशन के हकदार हैं।