शिक्षक भर्ती मूल्यांकन में लापरवाही बरतने पर 21 शिक्षकों को नोटिस
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से 68500 शिक्षक भर्ती की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने के आरोप में 24 विषयों के परीक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि 21 परीक्षकों ने 24 विषयों की कॉपियों का मूल्यांकन किया था। ऐसे में तीन परीक्षक कॉमन होने के चलते 21 परीक्षकों को नोटिस जारी किया गया। उन्होंने बताया कि नोटिस भेजकर इन परीक्षकों से जवाब मांगा गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से प्राथमिक विद्यालयों के लिए 68500 शिक्षक भर्ती के लिए पहली बार कराई गई लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षकों को दी गई थी। इन शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ी गड़बड़ी की, बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के कॉपी में दिए अंक और रिजल्ट में मिले अंक अलग मिले। जांच के बाद कई परीक्षार्थी ऐसे मिले जिनकी उत्तर पुस्तिकाओं में 127 अंक मिले थे, जबकि उन्हें रिजल्ट में मात्र 27 अंक दिए गए थे। कोर्ट की फटकार के बाद जब दोबारा मूल्यांकन कराया गया तो लगभग पांच हजार परीक्षार्थी दोबारा शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल हुए। इस प्रकरण में तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह और रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी।